तेज प्रताप यादव ने बदली विधानसभा सीट, आखिर किस बात का सता रहा डर

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Tej Pratap Yadavआरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे विधायक रहे हैं। इनमें से उनके बड़े बेटे तेजप्रताप आगामी विधानसभा चुनाव 2020 के लिए आसान सीट चुन ली है। बेटे तेजप्रताप यादव इस बार अपनी सीट छोड़कर समस्तीपुर जिले के एक सीट जिसका नाम हसनपुर है, वहां से महागठबंधन के उम्मीदवार होंगे। इससे पहले वे महुआ से विधायक बने है।इस बार, इस बात के कयास काफी दिनों से लगाए जा रहे थे कि तेजप्रताप महुआ छोड़कर किसी दूसरी सीट से चुनाव लड़ेंगे। क्योंकि, उन्हें अपनी सीट पर हार जाने का डर था। ऐसे में राजद ने तय किया कि तेजप्रताप यादव किसी ऐसी सीट से चुनाव लड़ें, जहां राजद प्रत्याशी जीत ही जाए।तेजप्रताप यादव के लिए ऐसी सीटों में फतुहा, मनेर के अलावा हसनपुर सीट की भी बात चल रही थी। जिनमें से अब हसनपुर सीट चुनी गई, लेकिन वह इस सीट से किस दिन नामांकन करेंगे, इसकी घोषणा अभी नहीं हो पाई है। वहीं तेजप्रताप की सीट महुआ से अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक अन्य प्रत्याशी डॉ. मुकेश रंजन खड़ा होंगे हसनपुर एक तरह से उनके लिए सुरक्षित सीट मानी जाती है। पिछले चुनाव में भी यहां से आरजेडी के उम्मीदवार जीते थे। यहां मुस्लिम और यादव वोटरों का दबदबा है। ये पारंपरिक रूप से आरजेडी के वोटर माने जाते हैं।तेज हसनपुर में लगातार रोड शो कर रहे हैं। जनता से मिल रहे हैं। जबकि इससे पहले वे महुआ से विधायक चुने गए थे। इसी बीच जब ये खबर उड़ी कि ऐश्वर्या उनके ख़िलाफ़ महुआ से चुनाव लड़ सकती हैं, तब जाकर सारा माजरा समझ आया। बता दें ऐश्वर्या से उनका तलाक़ का केस चल रहा है।2015 में पहली बार दोनों बेटे जीते चुनाव लालू के दोनों बेटे पिछले चुनाव में ही विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे। वे राज्य में डिप्टी सीएम और सीएम भी बने थे, लेकिन फिर नीतीश ही मुख्यमंत्री हो गए। अब चुनाव से पहले तेज प्रताप यादव का सीट बदलना राजद के विरोधियों के लिए एक मुद्दा बन सकता है। खासकर, जदयू लालू के बेटे की खिल्ली उड़ा सकती है।ranjana pandey