घर चलने वाली महिला के कम को कभी नही हांकना चाइये, 26 साल तक पत्नी से करवाया घर का काम, अब देना होगा 79 लाख का मुआवजा

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स्पेन में एक बड़ा ही गजब मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने पति से घर के उन कामों के लिए मुआवजे की मांग की थी, जो उसने एक हाउसवाइफ के रूप में 26 साल किए थे. इस मामले में कोर्ट ने महिला के ही साथ दिया पति को उसे करीब 79 लाख 48 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.एक हाउसवाइफ के काम को हमेशा से ही कमतर आंका जाता रहा है. ऐसा सिर्फ भारत में ही नहीं होता बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भी ये देखने को मिलता है. मर्द सोचते हैं कि वो ऑफिस में काम करते हैं, जिससे सैलरी आती है और उससे घर का खर्चा चलता है, लेकिन ये नहीं सोचते कि पत्नी भी तो दिनभर घर का काम करती रहती है. उन्हें लगता है कि घर का काम बहुत आसान होता है , पर कोर्ट ऐसे मर्दों की सोच से बिल्कुल परे है. इसी से जुड़ा मामला आजकल काफी चर्चा में है.दरअसल, स्पेन के पोंटेवेद्रा में एक प्रांतीय अदालत ने हाल ही में फैसला सुनाया है कि एक शख्स को अपनी पूर्व पत्नी को शादी के 26 साल के दौरान हाउसवाइफ के रूप में काम करने के लिए मुआवजे के रूप में 88,025 यूरो (95,898 डॉलर) यानी करीब 79 लाख 48 हजार रुपये का भुगतान करना होगा. हालांकि इस जोड़े का नामों का खुलासा नहीं किया गया है. नाम अभी गुप्त ही रखा गया है .ऑडिटी सेंट्रल नामक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1996 में इस जोड़े की शादी हुई थी और 2022 में अलग होने तक पत्नी ने कई सालों में सिर्फ 205 दिनों के लिए ही घर से बाहर काम किया और बाकी टाइम अपनी इकलौती बेटी की परवरिश करने और घर के काम में खुद को समर्पित कर दिया. उनके अलग होने के बाद पति आराम से उसी घर में रहता रहा, जबकि पत्नी अपनी बेटी को लेकर अलग किराये के मकान में शिफ्ट होना पड़ा.अब पत्नी को खुद और बेटी के सहारे के लिए जाहिर है नौकरी भी ढूंढनी और करनी थी, लेकिन उसने अपने जीवन के 26 साल एक गृहिणी के रूप में बिताए थे, ऐसे में उसने अपने इन सभी सालों के घर के काम के लिए मुआवजे की मांग की थी. शुरुआत में तो कोर्ट के फैसले के मुताबिक पति द्वारा अपनी पूर्व पत्नी को 1 लाख 20 हजार यूरो (1,30,000 डॉलर) का मुआवजा देना तय किया गया था, लेकिन फिर उन दोनों ने ही इस फैसले के खिलाफ अपील की थी. पति कोर्ट द्वारा तय की गई रकम में से 60 हजार यूरो की कटौती चाहता था, जबकि पत्नी मुआवजे की रकम को 1,83,629.36 यूरो (2,00,000 डॉलर) तक बढ़ाने की मांग पर अड़ी हुई थी.पूर्व पत्नी का कहना था कि उसने शादी के बाद एक साल तक ही नौकरी की थी और 1989 से पूरी तरह से गृहिणी बन गई थी और अपने जीवन को घर की देखभाल और अपनी बेटी की परवरिश के लिए समर्पित कर दिया था, लेकिन अब चूंकि शादी खत्म हो गई है तो उसे अपने जीवनयापन के लिए नौकरी ढूंढने के लिए मजबूर होना पड़ा है. खैर, मामले को सुनने-समझने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पति द्वारा दिया जाने वाला 1 लाख 20 हजार यूरो का प्रारंभिक मुआवजा घटाकर 88,025 यूरो कर दिया जाए और पति अपनी पूर्व पत्नी को तीन साल के लिए प्रति माह 350 यूरो (381 डॉलर) की पेंशन भी दे.

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