मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में झारखंड की पंचायतों के लिए मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना शुरू करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई है. योजना के तहत उत्कृष्ट, स्वच्छ व स्वस्थ पंचायत और ग्राम सभा को पुरस्कृत किया जाएगा जिसकी पुरस्कार राशि 4 लाख से 20 लाख रुपये तक है। साथ ही कैबिनेट ने पेयजल की समस्या के समाधान के लिए राज्य की 4351 ग्राम पंचायतों में 10-10 चापाकल लगाए जाने को लेकर भी स्वीकृति दी है। मालूम हो कि 29 अक्टूबर, 2022 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में राज्य के कृषि विभाग की ग्राउंड ट्रूथिंग रिपोर्ट (ज़मीन आकलन) के आधार पर राज्य के 22 ज़िलों के 226 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया।पानी की किल्लत इस हद तक बढ़ गई थी कि लोग अब पानी खरीदने को मजबूर थे. इतना ही नहीं पानी की किल्लत देखकर लोग यहां से पलायन भी कर रहे थे. यहां तक कि पानी को लेकर गाली-गलौज और मारपीट भी शुरू हो गई थी. पानी की कमी को दूर करने के लिए टैंकर से पानी लाया जा रहा था ताकि पानी की कमी को दूर किया जा सके. ऐसे में 4351 ग्राम पंचायतों में 10-10 चापाकल लगाए जाने को लेकर स्वीकृति मिलने पर पानी की किल्लत दूर होने के कयास लगाए जा रहे हैं.हेमंत सरकार के इस फैसले से लोगों को पानी की किल्लत से राहत मिलने कि उम्मीद है . वहीं मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना की बात करें तो इसमें तीन कैटेगरी में पुरस्कार मिलेंगे। उत्कृष्ट पंचायत पुरस्कार तथा स्वच्छ व स्वस्थ पंचायत ग्राम योजना में सभी जिलों से एक-एक पंचायत का चयन होगा, जिन्हें 10-10 लाख मिलेंगे। वहीं, पांचों प्रमंडलों में एक-एक प्रखंड पंचायत को 15-15 लाख मिलेंगे, जबकि दो जिला परिषद का भी चयन होगा, जिन्हें 20- 20 लाख मिलेंगे। इसके अलावा ग्राम सभा प्रोत्साहन योजना में 48 ग्राम सभा का चयन किया जाएगा, जिसे 4-4 लाख दिये जाएंगे।



