झारखण्ड : 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच, CBI जांच की सिफारिश तथा मुख्य परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की मांग की।जयराम महतो ने आरोप लगाया कि आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना परीक्षा परिणाम जारी किया गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को दी गई, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया।उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के बाद से प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं और 14वीं JPSC परीक्षा में भी अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं हुआ। उनके अनुसार, पहली JPSC परीक्षा से शुरू हुआ विवादों का सिलसिला आज भी जारी है, जिसके कारण राज्य के युवाओं का JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हुआ है।जयराम महतो की पार्टी (JLKM ) के नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा है कि यदि राज्य सरकार और JPSC दो दिनों के भीतर मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेते हैं, तो छात्रों के अधिकार और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।




