कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली हार का असर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ साथ गिरिडीह के भाजपा नेताओं पर भी दिखने लगा है. पिछले चार सालों में गठबंधन के तहत आजसू कोटे से सांसद बने चन्द्रप्रकाश चौधरी के कार्यकाल पर मौन धारण करने वाले भाजपा नेता अब धीरे धीरे मुखर होने लगे हैं. स्थानीय भाजपा नेता मोती लाल उपाध्याय ने अपने सोशल मीडिया के जरिए सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी पर सवाल उठाते हुए स्थानीय भाजपा इकाई से आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से अपनी दावेदारी पेश करने का प्रस्ताव रखा है. सोशल मीडिया में भाजपा नेता उपाध्याय द्वारा सोमवार को किए गए पोस्ट के बाद कई कड़े और अलग- अलग कमेंट्स भी देखने को मिले, जिससे भाजपा की जमकर किरकिरी हो रही है. पार्टी नेताओं व स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार यदि 2024 के चुनाव में भाजपा ने यदि इस सीट को फिर से आजसू पार्टी को दिया, तो इसका खामियाजा स्थानीय नेतृत्व के साथ साथ पूरे प्रदेश में भी भाजपा के प्रदर्शन पर असर पड़ने की संभावना है. स्थानीय तौर पर कहा जा रहा है कि 2019 में मोदी सरकार के चुनावी रथ में चढ़कर आजसू के चंद्र प्रकाश चौधरी को सांसद बनने का मौका मिला जबकि गिरिडीह पिछले कई चुनावों से भाजपा की पंरपरांगत सीट रही थी.



