रांची पुलिस ने पीएलएफआई के कुख्यात नक्सली आश्रम महतो और इमानुल को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों नक्सली रामगढ़ के एक कारोबारी से लेवी के रुपए वसूल कर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान ओरमांझी के पास से उन्हें धर दबोचा गया. गिरफ्तार नक्सलियों के पास से 3 लाख रुपये नगद भी बरामद हुआ है.
रांची के सीनियर एसपी सुरेंद्र कुमार झा को गुप्त जानकारी मिली थी कि पीएलएफआई से जुड़े कुछ लोग रामगढ़ के कारोबारी से लेवी वसूल कर रांची होते हुए खूंटी जाने वाले हैं. जानकारी मिलने पर ओरमांझी, सिकिदरी और बीआईटी ओपी पुलिस को अलर्ट किया गया.
इसी दौरान रामगढ़ से ओरमांझी की तरफ आने वाले रास्तों पर पुलिस ने चेकिंग शुरू की. पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि लेवी के पैसे एक बाइक से लाया जा रहा है, इसलिए चेकिंग के दौरान बाइक पर विशेष नजर रखी जा रही थी.
इसी बीच एक काले रंग की स्कूटी पर बैठे दो शख्स पुलिस को देखकर भागने लगे. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों को खदेड़ कर पकड़ लिया . स्कूटी की तलाशी के दौरान डिक्की से 3 लाख रुपये, पीएलएफआई संगठन से जुड़े पोस्टर और पर्चे बरामद किए गए. मौके से पुलिस ने पीएलएफआई के दो उग्रवादियों आश्रम महतो उर्फ गोप और ईमानुल को भी धर दबोचा.
गिरफ्तार पीएलएफआई नक्सली आश्रम महतो संगठन का कुख्यात कैडर रहा है. 8 साल पहले पुलिस ने आश्रम को गिरफ्तार किया था, उस दौरान उसके पास से एक एके 47 बरामद किया गया था. जेल से निकलने के बाद आश्रम संगठन के बाहर रहकर लेवी वसूलने का काम कर रहा था. आश्रम महतो और सुप्रीमो दिनेश गुप्ता करीबी है. पूछताछ के दौरान आश्रम ने बताया कि वह रामगढ़ से लेवी की रकम वसूल कर खूंटी जा रहा था. लेवी की रकम उसे सुप्रीमो दिनेश गोप तक पहुंचानी थी. हालांकि, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि लेवी की रकम किस कारोबारी से वसूली गई थी.



