रांची : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में भर्ती परीक्षाओं की गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने का आग्रह किया है।राहुल गांधी द्वारा यह पत्र 14 अगस्त 2026 को लिखा गया था, जिसे 17 अगस्त 2026 को सार्वजनिक किया गया। पत्र में उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार की मांग कर रहे छात्रों के आंदोलन को शांतिपूर्ण और उनकी मांगों को पूरी तरह जायज बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे खुद आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें, जिससे सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दिखेगी।राहुल गांधी ने सोरेन को लिखे पत्र में ये भी कहा कि, ‘हमारा यह भी मानना है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली पर RSS और BJP ने कब्ज़ा कर लिया है और इसे छात्रों के शोषण और उत्पीड़न का एक साधन बना दिया है। यह अब वह मज़बूत ज्ञान प्रणाली नहीं रही जो एक दशक पहले हुआ करती थी।’
राहुल गाँधी का पूरा पत्र हिंदी में पढ़िए :
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि भारत के संविधान में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक है। इसलिए, हमने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में अनियमितताओं का विरोध कर रहे छात्रों को अपना पूरा समर्थन दिया है। हमारा यह भी मानना है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली पर RSS और BJP ने कब्ज़ा कर लिया है और इसे छात्रों के शोषण और उत्पीड़न का एक साधन बना दिया है। यह अब वह मज़बूत ज्ञान प्रणाली नहीं रही जो एक दशक पहले हुआ करती थी।
जैसा कि आप जानते हैं, झारखंड में छात्र राज्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का भी विरोध कर रहे हैं। उनका विरोध शांतिपूर्ण रहा है, और उनकी मांगें जायज़ हैं। मैं इस बात की तारीफ़ करता हूँ कि झारखंड सरकार ने आपके द्वारा बनाई गई एक कमेटी के ज़रिए उनके साथ बातचीत शुरू की है। मेरा मानना है कि छात्रों द्वारा उठाई गई कई मांगों पर भी सहमति बन गई है। लेकिन, विरोध प्रदर्शन जारी है, और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
मैं यह सुझाव देने के लिए लिख रहा हूँ कि आप प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से खुद मिलें। इससे सरकार की उनकी बाकी चिंताओं को हल करने की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करने में मदद मिलेगी।
भारत के युवा इसका भविष्य हैं। इस मुश्किल समय में हमें उनके साथ एकजुटता और समर्थन देना चाहिए। कृपया उनकी बात सुनने की पूरी कोशिश करें और इस मुद्दे को हल करने के लिए सही कदम उठाएँ।




