रांची:झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा से 2 जनवरी से लापता अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर के अहमदनगर के एक किराए के मकान से पुलिस ने बरामद कर लिया है. यह मकान रोशन आरा नामक महिला का है, जिसने 1000 रुपये प्रतिमाह के किराए पर मकान कथित सूरज और सोनम उर्फ सोनी को दिया था.बिहार के औरंगाबाद के 25 वर्षीय युवक और 19 वर्षीय युवती 10 दिन पहले चितरपुर के अहमदनगर पहुंचे। खुद को पति-पत्नी बताकर उन्होंने रोशन आरा से 1000 रुपये मासिक किराए पर कमरा लिया और बच्चों को अपना बताया। ठंड और आधार कार्ड देखकर रोशन आरा ने इंसानियत के नाते कमरा दिया। उनके तीन बेटे दिल्ली में काम करते हैं।
सीएम: हम इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ने जा रहे
सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा, “अपहरण कर्ताओं के चंगुल से आजाद हुईं दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़ रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच कर बच्चों को मुक्त करवाया है, वह प्रशंसनीय है।सीएम ने लिखा,”हम इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ने जा रहे हैं। राज्य एवं राज्य से बाहर घटित हुई ऐसी घटनाओं का गहन पड़ताल करते हुए, अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।”सीएम ने आगे कहा,”रांची पुलिस समेत झारखंड पुलिस की टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बहुत-बहुत बधाई। तथा हमारे बच्चों – अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।”




