मणिपुर हिंसा: राहुल गाँधी ने मणिपुर में हाल ही में भडकी हिंसा पर प्रतिक्रिया दी है उन्होंने पीएम मोदी को कहा है कि आपको ठोस और तत्काल कदम उठाने ही होंगे-इससे पहले कि हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाएं. केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा,कब जागेगी ये सरकार?
राहुल गाँधी ने लिखा,मणिपुर में BSF जवान के घर में सोते दो नन्हे बच्चों की हत्या की खबर दिल को चीर देने वाली है।मणिपुर में हिंसा की दहकती हुई आग में आज 3 साल बाद भी निर्दोष बच्चे झुलस रहे हैं-शांति का कोई संकेत दूर-दूर तक नजर नहीं आता।मोदी सरकार इतनी संवेदनशून्य और पत्थरदिल हो गई है कि मानो यह भूल चुकी है कि मणिपुर के बच्चे भी देश के बच्चे हैं, हमारा भविष्य हैं।कब जागेगी ये सरकार? आखिर कब तक अपनों की लाशें गिनते-गिनते मणिपुर करता रहेगा इंतज़ार?मैं बार-बार कहता आया हूं , शांति ही एकमात्र रास्ता है। सभी समुदायों को साथ लाकर, संवेदनशीलता से ही इस संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।प्रधानमंत्री जी, मणिपुर सिर्फ एक राज्य नहीं है, ज़िम्मेदारी है। सिर्फ नाम का एक बयान काफी नहीं, सिर्फ दिखावे का एक दौरा काफी नहीं।आपको ठोस और तत्काल कदम उठाने ही होंगे-इससे पहले कि हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाएं।
बता दें कि सोमवार रात को बिष्णुपुर के मोइरांग के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई गांव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने एक घर पर रॉकेट दाग दिया, जिसमें 5 वर्षीय लड़के और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई। बच्चों की मां इस हमले में बुरी तरह घायल हो गईं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक पेट्रोल पंप के पास 2 तेल टैंकरों और एक ट्रक में आग लगा दी और अस्थायी पुलिस चौकी को नुकसान पहुंचाया।बाद में पुलिस ने आंसू-गैस के गोले दागे। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि 19 घायल हैं।मणिपुर के गृह विभाग ने 7 अप्रैल को जारी एक आदेश के अनुसार, इंटरनेट बंद करने का आदेश इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों पर लागू किया गया है।




