असम चुनाव के बीच सीएम हेमंत सोरेन के असम दौरे पर भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उन्हें सलाह दे डाली है कि असम की चिंता छोड़ झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है. ये बात उन्होंने हजारीबाग जिले के आदिवासी गांवों में पानी की समस्या पर सीएम हेमंत सोरेन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लिखा.मरांडी ने एक्स पर लिखा, हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड की ताजपुर पंचायत अंतर्गत करंजुवा एवं आसपास के आदिवासी गांवों में आज भी स्वच्छ पेयजल की सुविधा एक दूर का सपना बनी हुई है। ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जंगलों और पहाड़ियों के बीच मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत ‘चुवां’ पर निर्भर हैं, जिनका उपयोग मवेशी और जंगली जानवर भी करते हैं।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, यदि यहां चापाकल की व्यवस्था की जाए तो ग्रामीणों को सुरक्षित भूगर्भीय पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है, लेकिन आपकी सरकार इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आती है। पेयजल विभाग में हुए सैकड़ों करोड़ के घोटालों के कारण केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना भी राज्य में अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है।असम की चिंता छोड़ झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है। जनता ने आपको बुनियादी सुविधाओं की सुनिश्चितता के लिए जनादेश दिया है। हजारीबाग डीसी को टैग करते हुए मरांडी ने लिखा चौपारण सहित आसपास के आदिवासी बस्तियों में शीघ्र स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।




