हजारीबाग डीसी ने एक्स के जरिए जानकारी देते हुए भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को सूचित किया है कि ”पूर्व में चौपारण प्रखंड के ताजपुर पंचायत के आसपास बोरिंग की व्यवस्था के प्रयास किए गए थे,परंतु पर्याप्त जलश्रोत नहीं मिल पाने के कारण बोरिंग विफल रहा।जिला प्रशासन द्वारा वैसे सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल की सतत आपूर्ति हेतु पानी टैंकर के माध्यम से शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है।” दरअसल मरांडी ने एक्स के जरिए चौपारण सहित आसपास के आदिवासी बस्तियों में शीघ्र स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था. मरांडी ने शिकायत की थी कि हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड की ताजपुर पंचायत अंतर्गत करंजुवा एवं आसपास के आदिवासी गांवों में आज भी स्वच्छ पेयजल की सुविधा एक दूर का सपना बनी हुई है। ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जंगलों और पहाड़ियों के बीच मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत ‘चुवां’ पर निर्भर हैं, जिनका उपयोग मवेशी और जंगली जानवर भी करते हैं।




