मरांडी: जमशेदपुर पुलिस-अपराधियों में मुठभेड़ वाली स्क्रिप्ट बार-बार दोहराई जा रही,जानकारी आपस में मेल नहीं खातीं, सीएम जी निष्पक्ष जांच करवाएं

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जमशेदपुर/ रांची :कैरव गांधी किडनैपिंग केस में गुरुवार देर रात पुलिस-अपराधियों में मुठभेड़ भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने प्रतिक्रिया दी है.मरांडी ने एक्स पर लिखा,”29-30 जनवरी की दरम्यानी रात जमशेदपुर पुलिस द्वारा अपराधियों के साथ हुई कथित मुठभेड़ की कहानी पूरी तरह संदिग्ध प्रतीत होती है और कई सवाल खड़े करती है।चाहे सूर्या हांसदा का एनकाउंटर हो या अमन साव का एनकाउंटर हो या जमशेदपुर में अपराधियों से मुठभेड़…हर बार आधी रात को हथियार बरामदगी के लिए ले जाना, फिर अपराधियों द्वारा पुलिस का हथियार छीनकर फायरिंग कर देने वाली एक ही स्क्रिप्ट बार-बार दोहराई जा रही है।जमशेदपुर के एक व्यवसायी के अपहरण में पुलिस लिखी गाड़ी का इस्तेमाल, बरामदगी से एक-दो दिन पहले अपहृत व्यक्ति के ‘रडार में आने’ की खबर, और बरामदगी के बाद पुलिस द्वारा दी गई जानकारी आपस में मेल नहीं खातीं और संदेह को और गहरा करती हैं।अपनी नाकामी छिपाने और खुद की पीठ थपथपाने के प्रयास में पुलिस स्वयं अपनी साख को नुकसान पहुँचा रही है। ईडी कार्यालय की घटना में भी पुलिस की भूमिका पहले ही सवालों के घेरे में आ चुकी है।सीएम हेमंत सोरेन जी, जमशेदपुर से अपहृत व्यवसायी और उसकी बरामदगी में पुलिस और जांच अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।”

कैरव गांधी किडनैपिंग केस में गुरुवार देर रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच बिष्टुपुर के साईं मंदिर के पास पुलिस-अपराधियों में मुठभेड़ हुई। फायरिंग में तीन आरोपी घायल हुए, जिन्हें MGM अस्पताल में भर्ती कराया गया है।वहीं बिष्टपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए। मौके से हथियार बरामद, शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई है।घायल आरोपियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है, जो बिहार के गया और नालंदा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बता दें कि इस मामले में अब तक आधा दर्जन से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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