रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में 27 माओवादियों (नक्सलियों) ने झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ (CRPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।इनमें 25 प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी और 2 जेजेएमपी के सदस्य हैं। ये सभी नक्सली मुख्य रूप से सारंडा और कोल्हान के जंगलों (मंकी फॉरेस्ट क्षेत्र) में सक्रिय 1 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े थे।सरेंडर करने वालों में 7 सब-जोन्ल कमांडर, 7 एरिया कमांडर और 13 सक्रिय कैडर शामिल हैं। इनमें गादी मुंडा उर्फ गुलशन और नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा जैसे मुख्य नाम शामिल हैं।आत्मसमर्पण करने वालों में कुछ महिला कैडर भी शामिल हैं। इनमें से एक महिला नक्सली अपनी गोद में बच्चा लेकर मुख्यधारा में शामिल होने पहुंची, जिसका वीडियो भी काफी चर्चा में है।सरेंडर करने वाले 8 शीर्ष नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था और इनके खिलाफ राज्य के विभिन्न थानों में 426 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी,”आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि देश से लाल आतंक का साया लगातार समाप्त होता जा रहा है।इसी कड़ी में आज झारखंड में 27 माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जाना एक बड़ी सफलता है। यह दर्शाता है कि अब भटके हुए लोग भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं।केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में साहस, संयम और समर्पण के साथ अभियान चलाकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है।नक्सलवाद मुक्त भारत, विकसित भारत के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करेगा।”




