कोरोना संक्रमण की चेन तोड़नी है जरूरी वरना मच जाएगा कोहराम
सरकार एक सप्ताह में कुछ सख्ती करके कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने की कोशिश करेगी। अगर इसमें सफलता मिलती है तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है, अन्यथा सरकार आगे और भी कड़े फैसले ले सकती है। इतना जरूर है कि अगर संक्रमण की चेन न टूटी तो अगले दो सप्ताह में राज्य में हाहाकार मचने वाला है। हालात अभी भी बहुत अच्छे नहीं हैं। रांची में अस्पतालों की चौखट पर मरीज घोर दुव्र्यवस्था के शिकार हो रहे हैं। कई तो बेड की आस में अस्पताल के गेट और एंबुलेंस में दम तोड़ दे रहे हैं। आक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर इंजेक्शन सहित अन्य तमाम दवाओं का संकट पैदा हो गया है। संक्रमितों के स्वजन अन्य तमाम सुविधाओं के लिए भी भटक रहे हैं। राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या में जिस गति से इजाफा हो रहा है, उससे अगले दो सप्ताह बाद स्थिति बहुत भयावह होने वाली है। अभी राज्य में 35 हजार से ज्यादा सक्रिय मरीज हैं। सौ में 18 संक्रमित मिल रहे हैं। हजारीबाग, दुमका, खूंटी, कोडरमा और रांची में जांच करवाने वाला हर चौथा व्यक्ति संक्रमित निकल रहा है। यह दर लगातार बढ़ रही है। राज्य में जो मौजूदा संसाधन हैं वह अभी ही नाकाफी साबित हो रहे हैं। संक्रमण की यही रफ्तार रही तो भविष्य में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। संसाधनों की बात करें तो फिलहाल राज्य के पास 4,200 आक्सीजन सपोर्टेड बेड हैं। संक्रमण की जो दर है वह बरकार रहती है तो एक सप्ताह बाद राज्य को 6,500 आक्सीजन सपोर्टेड बेड की जरूरत होगी। इसी तरह 640 आइसीयू बेड हैं।



