चाईबासा:पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर के अनुमंडल अस्पताल से लापरवाही का मामला सामने आया है। बंगरासाई गांव निवासी रामकृष्ण हेम्ब्रम की पत्नी रीता तिरिया ने शनिवार को बच्चे को जन्म दिया, लेकिन कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल ने न एंबुलेंस दी और न ही कोई मदद की। मजबूर होकर पिता को नवजात का शव कार्डबोर्ड के डिब्बे में रखकर गांव ले जाना पड़ा।ग्रामीणों ने इसे गरीब और आदिवासी मरीजों के साथ भेदभाव बताते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
सराईकेला थाना क्षेत्र के बंगरासाई गांव निवासी रामकृष्ण हेंब्रम अपनी पत्नी रीता तिरिया को प्रसव के लिए कुछ दिन पहले चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल लेकर आए थे. शनिवार को महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ ही देर बाद नवजात की मौत हो गई.अस्पताल प्रशासन ने परिवार को किसी प्रकार की मदद नहीं दी और शव को जल्द अस्पताल से ले जाने के लिए कहा.अस्पताल की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई. मजबूरी में पिता ने पास में पड़े एक खाली कार्डबोर्ड के डिब्बे में अपने नवजात के शव को रखा और उसी में लेकर गांव के लिए निकल पड़ा.घटना की जानकारी इलाके में फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया.ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई गई है.




