रांची: झारखंड विधानसभा में मंत्रियों और विधायकों के लिए आयोजित ‘प्रबोधन-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम’ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। इस अवसर पर विधानसभा को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों और विधायकों को विधायी कार्यों के संचालन के लिए टैबलेट वितरित किए गए। साथ ही नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की उपस्थिति में ई-विधान सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया।मंत्री दीपक बिरुआ ने इसे विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल बनाने की सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रश्न पूछने से लेकर उत्तर प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल होगी, जिससे विधायी कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डिजिटल इंडिया के दौर में झारखंड विधानसभा का डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ना महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल विधानसभा को पेपरलेस बनाने की दिशा में पहला कदम है और अब विधायी कार्यों का निष्पादन ऑनलाइन संभव होगा।इस पहल से झारखंड विधानसभा के कामकाज में तकनीकी दक्षता और सुगमता आने की उम्मीद जताई जा रही है।




