
पिछले कुछ महीनों में पंजाब की राजनीति में काफी उथलपुथल रही। उसी का नतीजा रहा कि पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अब नई पार्टी बना रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा, “वह राजनीतिक पार्टी बना रहे है। लेकिन चुनाव आयोग की मंजूरी मिलने के बाद ही वह नाम का ऐलान करेंगे। साथ ही चुनाव चिन्ह भी चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद ही फाइनल होगा। मेरे वकील इस पर काम कर रहे हैं।” नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी चीफ बनाने के बाद अमरिंदर सिंह और सिद्धू में जो तनातनी शुरू हुई उसके बाद कैप्टन ने ना सिर्फ पद छोड़ बल्कि पार्टी भी छोड़ दी।
बुधवार को अमरिंदर सिंह ने यह भी बताया कि वह कांग्रेस से अलग होने के बाद अमित शाह से मिलने दिल्ली क्यों आए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमा पर शांति के लिए वह केंद्र सरकार से मिलने आए थे।
कैप्टन ने 20 अक्टूबर को ऐलान किया था कि वह एक नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान करेंगे। तब उन्होंने ये भी कहा था कि वह BJP से हाथ मिला सकते हैं बशर्ते वह किसानों के आंदोलन का मुद्दा हल करें। उन्होंने ये भी कहा था कि 2022 के पंजाब चुनावों के लिए वह ना सिर्फ अकाली दल से अलग हुए नेताओं बल्कि कांग्रेस में जो अलग-थलग पड़ गए हैं उन नेताओं के साथ भी गठजोड़ कर सकते हैं।



