महाराष्ट्र के निकाय चुनाव: 29 नगर निगमों और 2869 सीटों पर हुए चुनाव में पूरे महाराष्ट्र में AIMIM को 126 वार्ड मिले।छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व नाम औरंगाबाद) में 33 सीटें जीतीं, जहां पार्टी ने 115 वार्डों में से 33 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव प्राप्त किया। जबकि पार्टी ने मुंबई में 8 सीटें,मालेगांव में 21 सीटें, नांदेड़ में 13 सीटें जीतीं।इसके अलावा ठाणे (मुंब्रा) में पांच और नासिक व नागपुर (विदर्भ क्षेत्र) में कुल 21 सीटों पर जीत दर्ज की. हालांकि संख्या कम है, लेकिन AIMIM की मौजूदगी ने विपक्षी वोटों को बांटने का काम किया।बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति ने महाराष्ट्र के 29 में से 25 नगर निगमों में जीत दर्ज की। सबसे बड़ा उलटफेर मुंबई में देखने को मिला, जहां 227 सदस्यीय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में महायुति ने बहुमत हासिल कर लिया।कुल मिलाकर महायुति ने राज्यभर में 2869 में से 1991 वार्ड जीत लिए। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पूरे महाराष्ट्र में 399 वार्ड जीते और दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की 13 नगर निगमों में 125 पार्षदों (कॉर्पोरेटर) की जीत को ऐतिहासिक करार देते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी (BJP) या विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के साथ जाने का कोई इरादा नहीं है.उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि AIMIM अब केवल एक वर्ग की पार्टी नहीं रही. उन्होंने कहा, ‘मैं अल्लाह का शुक्रगुजार हूं. हमारे कई हिंदू भाई, जिनमें दलित, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवार शामिल हैं, हमारी पार्टी के टिकट पर जीते हैं.’




