आज सीएम हेमंत सोरेन ने कहा न्यायालय सिर्फ न्यायालय नहीं बल्कि एक ऐसा मंदिर है जहां किसी के साथ कोई भेदभाव किये बगैर लोगों को न्याय मिलता है। और कहीं न कहीं यह स्वतंत्र रूप से अपने कार्यों को अंजाम देते हुए हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाती है।आपने देखा होगा न्यायालय के कर्मचारियों के लिए आवास हो या कोर्ट परिसर बनाने की बात हो, पूरे राज्य में अलग-अलग चरणों में तेज गति से कार्य हो रहा है।आपने देखा होगा कि राज्य के अधिवक्ताओं के लिए भी कई सारी योजनाओं को चलाया जा रहा है क्यूंकि हम जानते हैं कि हमारे राज्य में जो आर्थिक संपन्नता है वो मेट्रो शहरों की तरह नहीं हैं। और यह समस्या सिर्फ गांव तक ही सीमित नहीं है बल्कि हर वर्ग, हर जगह आपको देखने को मिलेगी।झारखण्ड देश का ऐसा पहला राज्य है जहां हम अधिवक्ताओं को सम्मान स्वरूप पेंशन देने का काम कर रहे हैं। आज उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा, स्टाइपेंड की व्यवस्था, आदि हम कर रहे हैं।हमें कई बार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और अलग-अलग न्यायालय के परिसर में जाने का मौका मिला, कई जगह स्थिति तो बहुत चिंतनीय रही है। हमारी सोच है कि ऐसे समस्याओं का समाधान त्वरित होना चाहिए।न्याय व्यवस्था स्वतंत्र रूप से अपने कार्यों में आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार हर सहयोग करने के लिए कटिबद्ध है।




