दिल्ली शराब नीति मामले में रविवार को गिरफ्तार किए गए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई आज कोर्ट में पेश करेगी. वहीँ दूसरी तरफ केजरीवाल का दावा है क़ि सीबीआई अधिकारी मनीष की गिरफ्तारी के खिलाफ थे उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और राजनीतिक कारण उनके गिरफ्तारी की असली वजह है। उन्होंने ट्वीट किया ”मुझे बताया गया है कि ज्यादातर सीबीआई अधिकारी मनीष की गिरफ्तारी के खिलाफ थे. वे सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं और उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने का राजनीतिक दबाव इतना अधिक था कि उन्हें अपने राजनीतिक आकाओं की बात माननी पड़ी। ”
झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी को निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकारों की आवाजों पर हमला करने और उन्हें दबाने का एक और बेशर्म प्रयास है, जो विशेष रूप से हाशिये के लोगों और उनके मुद्दों के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ने भी ट्वीट किया ”दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लानेवाले मनीष सिसोदिया जी को गिरफ़्तार करके भाजपा ने साबित कर दिया है कि भाजपा शिक्षा ही नहीं बल्कि दिल्ली के बच्चों के भविष्य के ख़िलाफ़ भी है। दिल्ली की जनता इसका जवाब अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को सातों सीटें हराकर देगी।”
सीबीआई ने रविवार को सिसोदिया से 8 घंटे तक पूछताछ की।मीडिया रिपोर्ट्स में सीबीआई सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सिसोदिया ने एक दिन में 3 फोन बदले, जबकि कारोबारियों को शराब नीति से फायदा पहुंचाया जा रहा था.जुलाई 2022 में, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की। सक्सेना ने सिसोदिया पर नियमों की अनदेखी करने और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। इसके बाद ईडी और सीबीआई ने सिसोदिया के खिलाफ जांच शुरू की।सिसोदिया एक साल के भीतर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले आम आदमी पार्टी के दूसरे मंत्री हैं। इससे पहले मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अभी भी जेल में हैं।



