झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।राज्य अन्तर्गत संचालित गैर सरकारी सहायता प्राप्त वित्त सहित अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालय/मदरसा/संस्कृत विद्यालयों में वर्ग-9 से वर्ग-10 तक की कक्षाओं में नामांकित एवं अध्ययनरत् सभी कोटि के छात्र/छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक एवं कॉपी के निःशुल्क वितरण की स्वीकृति दी गई।इस योजना से 41,755 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।इस पर ₹4.84 करोड़ प्रतिवर्ष खर्च आएगा।
राज्य में जल संकट को ध्यान में रखते हुए राज्य जल संसाधन आयोग के गठन की स्वीकृति दी गई।इसका कार्यकाल 2 साल का होगा।23 करोड़ 97 लख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अध्यक्ष विकास आयुक्त होंगे और जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव इसके सदस्य होंगे।
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 हेतु Science Magazine तथा कक्षा-11 से 12 हेतु Competitive Magazine के मुद्रण एवं वितरण की स्वीकृति दी गई।
राज्य योजना अन्तर्गत चतरा जिला में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ईटखोरी के भवन निर्माण की योजना में गबन की गई राशि का उपायुक्त, चतरा द्वारा वसूली कर राजकोष में जमा करने की प्रत्याशा में गबन की राशि के समतुल्य राशि 22,07, 722/- रूपये पुनः आवंटित करने की स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष की राज्य वित्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
राज्य सरकार ने “झारखंड मैनपावर आउटसोर्सिंग रेगुलेशन” नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम 5 वर्षों के लिए सेवा में रखा जाएगा। इसके बाद 3 वर्षों का अतिरिक्त एक्सटेंशन दिया जाएगा। कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष 3% वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) मिले सकेगा।
भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वर्ष की राज्य वित्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।



