रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप के खिलाफ विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली, मुंबई और उदयपुर (राजस्थान) सहित वेदांता लिमिटेड के कम से कम चार आधिकारिक परिसरों में तलाशी अभियान चलाया है। सूत्रों के अनुसार, यह जांच मुख्य रूप से वेदांता लिमिटेड द्वारा अपनी मूल (पैरेंट) कंपनी वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) को किए गए क्रॉस-बॉर्डर रॉयल्टी भुगतानों से संबंधित है।ED द्वारा यह पूरा सर्च ऑपरेशन फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नागरिक प्रावधानों के तहत किया जा रहा है।वेदांता ग्रुप के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं। झामुमो ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा ”मित्रमंडली अब जल्द ही बोकारो में इलेक्ट्रोस्टील ख़रीद लेगी।”
क्या है FEMA ACT?
जब ED को किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा विदेशी मुद्रा लेन-देन में नियमों के उल्लंघन का शक होता है, तो वह FEMA के तहत कार्रवाई करती है। इसमें अधिकतर ऐसे मामले शामिल होते हैं, जिनमें अवैध रूप से विदेश में पैसा भेजा गया हो, विदेश में अवैध रूप से संपत्ति हासिल की गयी हो या विदेशी निवेश से जुड़े नियमों का पालन न किया गया हो।




