रांची: सीएम हेमंत सोरेन ने ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण सड़कों, पंचायतों में संचालित योजनाओं तथा स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बरहेट स्थित पंचायत भवन में संचालित CSC सेंटर के कर्मियों और वहां अपने कार्यों से पहुंची महिलाओं से भी बातचीत कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण आवास योजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि आवासविहीन पात्र लाभुकों को जल्द पक्का मकान मिल सके। साथ ही महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़ी महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने नए सखी मंडलों के गठन, महिलाओं को आजीविका से जोड़ने और पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं को लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बाल विवाह और महिला हिंसा के खिलाफ पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में जोहार परियोजना, पलाश ब्रांड के सुदृढ़ीकरण, दीदी कैफे, बिरसा हरित ग्राम योजना को कार्बन क्रेडिट से जोड़ने तथा मइयां योजना की महिलाओं को समूहों से जोड़ने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि SHGs से जुड़ी महिलाओं को व्यापक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने हुनर और मेहनत के दम पर तेजी से आगे बढ़ सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आधी आबादी प्रतिभाशाली और मेहनतकश है, अब समय आ गया है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।




