देवघर एयरपोर्ट पर निशिकांत दुबे ने मीडिया से बात करते हुए झारखंड सरकार द्वारा केंद्र से एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये के बकाया से जुड़े सवाल पर कहा कि झारखंड सरकार की स्थिति ऐसी है कि कहीं ऐसा न हो जाए कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का वेतन तक मिलने पर समस्या हो जाए. ये जो मंईयां योजना है किसी दिन पटपटा के बंद हो जाए तो आश्चर्य नहीं होगा, अबुआ आवास योजना में काम बंद हो जाएंगे क्योंकि पहले जितने पैसे मनरेगा के थे उसका 30-40% अबुआ में डायवर्ट कर रहे थे अब तो खुद को 40% देना पड़ेगा.सासंद ने कहा कि झारखंड सरकार के पास पैसा ही नहीं है, पहले वो अपना खाना-पीना तो खा ले. साथ ही सांसद ने राज्य सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि “मंईयां सम्मान योजना” के कारण राज्य में विकास कार्य ठप हो गए हैं.
इसके अलावा UGC मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मीडिया से बात करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “…ये देश बाबा साहब अंबेडकर के संविधान से चल रहा है और हम उस प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काम कर रहे हैं जिन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की बात की… मुझे किसी के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की बात की है इसलिए मैंने कहा कि जो भी कंफ्यूज़न दिखाई देता है वो आर्टिकल 14 और 15 के हिसाब से ठीक हो जाएगा… लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अच्छी बातें कही हैं… उन्होंने कई बातें कही हैं जिसका मैं पहले से ही हितैषी रहा हूं… देश काफी आगे बढ़ चुका है और सुप्रीम कोर्ट ने जो कुछ भी किया हम उनके निर्णय का स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों के साथ न्याय किया है…”




