CM हेमंत सोरेन के झारखंड में क्‍यों बदतर हो रहे हालात, क्‍यों मची है लूटपाट?

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CM हेमंत सोरेन के झारखंड में क्‍यों बदतर हो रहे हालात, क्‍यों मची है लूटपाट?

उनका दावा है कि वैक्सीन कंपनियों को 50 लाख डोज का आर्डर दिया गया है, लेकिन अभी यह सुनिश्चित नहीं हो सका है कि यह वैक्सीन कब तक मिल सकेगी। ऐसे में झारखंड के 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के युवाओं को एक मई से कोरोना से बचाव का टीका लगना शुरू हो पाएगा या नहीं, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। झारखंड सरकार 45 वर्ष से ऊपर आयुवर्ग के लोगों के लिए केंद्र से मिली वैक्सीन से यह अभियान शुरू करना चाह रही है, लेकिन इसके लिए केंद्र अनुमति नहीं दे रहा है। केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य को 45 साल से ऊपर के लोगों को टीका देने के लिए जो वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई है उसका प्रयोग युवाओं के टीकाकरण में नहीं हो सकता है।

इन सबके बीच राज्य सरकार बढ़ते संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सख्ती भी बरत रही है। आंशिक लाकडाउन को एक सप्ताह और बढ़ा दिया गया है। अगले कुछ दिनों में इसका सकारात्मक असर दिखेगा, ऐसी उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल तो राज्य में 60 हजार से ज्यादा सक्रिय मरीज हैं और संक्रमण की दर लगातार बढ़ ही रही है। जांच में हर पांचवा व्यक्ति संक्रमित मिल रहा है। यह राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है। सबसे ज्यादा खराब हालात राजधानी रांची के ही हैं। अस्पतालों से लेकर श्मशान तक हर जगह मातमी माहौल है।  दलाल इतने बेखौफ हैं कि वे खुलेआम बेड के लिए सौदा कर रहे हैं। एहसान भी जता रहे हैं कि ऐसे वक्त में जब कहीं बेड नहीं मिल रहा है, वे पैसे देकर सबसे बड़े अस्पताल में सुविधा मुहैया करा सकते हैं। ऐसी शिकायतें मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कार्यालय हरकत में है। बेड दिलवाने का झांसा देने में जहां तीन लोग दबोचे गए हैं वहीं रेमडेसिविर सहित अन्य तमाम जरूरी दवाओं की कालाबाजारी में राजीव सिंह नाम के एक शख्स को पकड़ा गया है।

राजीव सिंह नाम के बड़े दलाल का राज्य की नौकरशाही में काफी रसूख है। सवाल उठता है कि जब रेमडेसिविर इंजेक्शन की सिर्फ अस्पतालों में आपूर्ति हो रही है तो उसके पास तक यह कैसे पहुंची? स्वास्थ्य विभाग से लेकर अस्पतालों तक कौन लोग हैं जो इस विकट आपदा को पैसे कमाने का जरिया बना रहे हैं? मौजूदा समय में राज्य के लगभग हर अस्पताल के बाहर ऐसे लुटेरे मिल जाएंगे। अपने स्वजनों की जान बचाने की जद्दोजहद में लोग इनकी ठगी का शिकार हो रहे हैं।        तमाम जरूरी दवाएं मार्केट से गायब