राहुल गांधी ने पिछले कुछ सालों से जाति जनगणना की मांग को अपना मुख्य राजनीतिक मुद्दा बनाया हुआ है। अब मोदी सरकार ने राहुल गाँधी की राह पर निकल चुकी है।CCPA की बैठक में केंद्र ने बड़ा फैसला लिया है।केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी“राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मज़बूत हो और देश की प्रगति भी निर्बाध चलती रहे।”मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1947 के बाद से कांग्रेस सरकारों ने जाति जनगणना का लगातार विरोध किया और केवल राजनीतिक मकसद से जाति सर्वे करवाया।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी.जनगणना इस साल सितंबर से शुरू की जा सकती है. इसे पूरा होने में कम से 2 साल लगेंगे. ऐसे में अगर सितंबर में भी जनगणना की प्रक्रिया शुरू हुई तो अंतिम आंकड़े 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में आएंगे.



