हजारीबाग: 12 वर्षीय तमन्ना और 3 वर्षीय रिजवान की दर्दनाक हत्या का आरोपी संदीप पासवान पुलिस की गिरफ्त में लड़खड़ाता नजर आया.दोनों भाई-बहन के लापता होने के वक्त से ही पुलिस आरोपी संदीप पासवान की तलाश में थी.ये पूरा मामला दुष्कर्म के विरोध से जुड़ा हुआ है.लोग संदीप पासवान को फांसी देने की मांग कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
12 वर्षीय तमन्ना और 3 वर्षीय रिजवान का का परिवार उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के रहने वाले वाले हैं.उनके पिता मोहम्मद आमिर हजारीबाग में खिलौने बेचने का काम करते हैं। आरोपी संदीप पासवान हजारीबाग के इंदरपुरी चौक स्थित एक वाहन शोरूम में काम करता था। वह पिछले दो महीनों से उस बच्ची पर नजर रख रहा था और बहला-फुसलाकर उसने बच्चों से दोस्ती की थी। 27 मई 2026 को आरोपी ने दोनों बच्चों को बहलाया और अपनी स्कूटी पर बैठाकर कटकमदाग थाना क्षेत्र के सिन्दुर श्मशान घाट ले गया। बच्चों के गायब होने के बाद पिता ने कटकमदाग थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि सिन्दुर श्मशान घाट के पास एक सुनसान जगह पर उसने 11 साल की बच्ची के साथ जबरदस्ती (दुष्कर्म) करने की कोशिश की। जब बच्ची ने शोर मचाया और विरोध किया, तो उसने बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी। चूंकि 3 साल का छोटा भाई इस पूरी घटना का चश्मदीद गवाह था, इसलिए सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने उस मासूम की भी गला दबाकर हत्या कर दी।आरोपी ने बच्ची के शव को श्मशान घाट के पास एक नाले/झाड़ियों में छिपा दिया और बच्चे के शव को प्लास्टिक की बोरी में बंद कर पास के एक कुएं में फेंक दिया।31 मई 2026 को पुलिस ने पहले सिन्दुर श्मशान घाट के पास से बच्ची का शव बरामद किया। इसके अगले दिन (1 जून), डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम की मदद से करीब 500 मीटर दूर कुएं से बोरे में बंद भाई का शव भी निकाल लिया गया.




