आज है मानवाधिकार दिवस, जानें इस खास दिन के बारे में

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आर्थिक सामाजिक, और शिक्षा का अधिकार भी शामिल हैं। मानवाधिकार वे मूलभूत अधिकार हैं जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के आधार पर प्रताड़ित नहीं किया जा सकता और उन्हें देने से वंचित नहीं किया जा सकता।  इस साल मानवाधिकार दिवस की थीम है - 'फिर से बेहतर- मानव अधिकारों के लिए खड़े हो जाओ'। यह थीम कोविड-19 महामारी से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर रखी गई है। भारत में मानवाधिकार भारत के संविधान में मानवाधिकार की गारंटी दी गई है। भारत में शिक्षा का अधिकार इसी गारंटी के तहत है। हमारे देश में 28 सितंबर, 1993 से मानवाधिकार कानून अमल में आया और सरकार ने 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन किया।हर वर्ष 10 दिसंबर को दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। सबसे पहले 10 दिसंबर 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकारों को अपनाने की घोषणा की। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस दिन की घोषणा वर्ष 10 दिसंबर, 1950 में की गई। संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों को 1950 में आमंत्रित किया, जिसके बाद असेंबली ने 423 (V) रेज्योल्यूशन पास कर सभी देशों और संबंधित संगठनों को इस दिन को मनाने की सूचना जारी की थी।
मानवाधिकार दिवस मनाने का मकसद लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। मानवाधिकार में स्वास्थ्य, आर्थिक सामाजिक, और शिक्षा का अधिकार भी शामिल हैं। मानवाधिकार वे मूलभूत अधिकार हैं जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के आधार पर प्रताड़ित नहीं किया जा सकता और उन्हें देने से वंचित नहीं किया जा सकता।

इस साल मानवाधिकार दिवस की थीम है – ‘फिर से बेहतर- मानव अधिकारों के लिए खड़े हो जाओ’। यह थीम कोविड-19 महामारी से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर रखी गई है।
भारत में मानवाधिकार
भारत के संविधान में मानवाधिकार की गारंटी दी गई है। भारत में शिक्षा का अधिकार इसी गारंटी के तहत है। हमारे देश में 28 सितंबर, 1993 से मानवाधिकार कानून अमल में आया और सरकार ने 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन किया।