आज हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कांग्रेस के 58 वर्षीय नेता सुखविंदर सिंह सुख्खू को हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। साथ ही कांग्रेस के नेता मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बूपेश बघेल और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौजूद रहे।
एक बस ड्राइवर का बेटा बना हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री
चार भाई-बहनों में सुखविंदर सिंह सुक्खू दूसरे नंबर पर आने वाले हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और नादौन विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू की शादी 11 जून 1998 को कमलेश ठाकुर से हुई। सुक्खू दो बेटियां दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रही हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे। यह खबर जब उनकी माता संसार देवी को मिली तो वो बेहद भावुक हो गईं।उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि वो एक नौकरी कर ले, लेकिन उसे पढ़ाई करनी थी।आज एक बस ड्राइवर का बेटा हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।माता संसार देवी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को ईमानदारी से सिखाई है। उनसे वकालत करवाई लेकिन ऑफर मिलने पर नौकरी के बजाय सुक्खू ने जनसेवा को चुना। उन्होंने इच्छा जताई है कि मुख्यमंत्री बनकर सुक्खू लोगों की सेवा करें।
26 मार्च 1968 को हमीरपुर के नादौन तहसील में पैदा हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू पेशे से वकील हैं. वह साल 2003, 2007, 2017 और अब 2022 में विधायक चुने गए. उन्होंने स्टूडेंट लीडर के तौर पर सियासत शुरू की. वह कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI के सदर रहे. युवा कांग्रेस के स्टेट जेनेरल सेक्रेटरी बनाए गए. युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सुखविंदर सिंह प्रदेश कांग्रेस के जेनेरल सेक्रेटरी बने. वह साल 2013 से 2019 तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे.



