रांची: हेमंत सरकार ने झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति के लिए नई नियमावली बनाई है। इसमें यूपीएससी से सिफारिश लेने का प्रावधान हटा दिया गया है। अब हाईकोर्ट ने इस नियुक्ति के खिलाफ बाबूलाल मरांडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य की UPSC और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने सोमवार को डीजीपी की नियुक्ति को लेकर हेमंत सोरेन सरकार को भी नोटिस जारी किया है। बाबूलाल मरांडी ने अपनी याचिका में कहा है” कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2006 को दिये गये अपने आदेश में यह कहा था कि राज्य सरकार डीजीपी के पद पर प्रोन्नत होने वाले अधिकारियों की सूची लोक सेवा आयोग को भेजेगी।आयोग द्वारा तैयार पैनल में से सरकार किसी को डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी। लेकिन झारखंड सरकार ने जो नई नियमावली बनाई है, उसमें यूपीएससी से स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं है। सोमवार को सुनवाई की अगली तारीख 16 जून को निर्धारित की गई है।बता दें कि अनुराग गुप्ता को 25 जुलाई 2024 को झारखंड का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव के चलते चुनाव आयोग ने अनुराग गुप्ता की जगह अजय कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। विधानसभा चुनाव पूरे होने के बाद 28 नवंबर 2024 को दोबारा अनुराग गुप्ता को राज्य का कार्यवाहक डीजीपी बना दिया गया।



