झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सोमवार को मणिपुर की स्थिति और संसदीय सीटों तथा राज्य विधानसभा सीटों के चल रहे परिसीमन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि भाजपा परिसीमन के जरिए अपने राजनीतिक सुरक्षित क्षेत्र के लिए अन्य राज्यों की तुलना में हिंदी पट्टी में संसदीय सीटों की संख्या बढ़ा रही है। इससे उत्तर भारतीय राज्यों और दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच संबंधों में खाई पैदा होगी। झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हाल ही में भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रतिनिधि सभा की बैठक में मणिपुर के ये दो मुद्दे और परिसीमन प्रमुखता से उठाए गए। उन्होंने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर आरएसएस ने सरकार से कई सवाल पूछे, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अपने दुर्भावनापूर्ण इरादे से चल रहे परिसीमन के माध्यम से भविष्य के लिए एक सुरक्षित क्षेत्र बनाने की कोशिश कर रही है। इसने 2011 की जनगणना रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की है जो पूरी हो चुकी है और केंद्र सरकार 2001 की जनगणना पर परिसीमन रोक रही है।भट्टाचार्य ने कहा, “इन वर्षों में लगभग सभी सीटों ने अपना जनसांख्यिकीय समीकरण बदल दिया है। 2001 की जनगणना के आधार पर 2008 में अंतिम परिसीमन हुआ था और तब भारत के परिसीमन आयोग ने फैसला किया था कि अगला परिसीमन 2026 में होगा। झारखंड के उदाहरण से हम आसानी से समझ सकते हैं कि 2001 में यह क्या था और अब यह पूरी तरह बदल गया है।”पार्टी महासचिव ने आरोप लगाया कि परिसीमन के ज़रिए बीजेपी संसद में दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत तथा पूर्वी भारत के प्रतिनिधित्व को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “हमें जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में संसदीय सीटें 80 से बढ़कर 143 हो जाएंगी, बिहार में 40 से बढ़कर 79 हो जाएंगी, मध्य प्रदेश में 29 से बढ़कर 52 हो जाएंगी, महाराष्ट्र में 48 से बढ़कर 76 हो जाएंगी, गुजरात में 26 से बढ़कर 43 हो जाएंगी, राजस्थान में 25 से बढ़कर 50 हो जाएंगी, आंध्र और तेलंगाना में 42 से बढ़कर 52 हो जाएंगी और पश्चिम बंगाल में 42 से बढ़कर 60 हो जाएंगी।” सवाल का जवाब देते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन का विरोध कर रहा है और पार्टी आगामी वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के खिलाफ 26 मार्च को विरोध प्रदर्शन में भाग लेगी। झारखंड में वक्फ बोर्ड अधिनियम कानून के अनुसार काम कर रहा है और राज्य में वक्फ बोर्ड समिति के अध्यक्ष राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद हैं।


