झारखण्ड : डीजीपी अनुराग गुप्ता मामले में मुख्य सचिव की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में डीजीपी की नियुक्ति को उचित बताया गया है.डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति कैबिनेट में लिये गये निर्णय और गठित समिति की अनुशंसा पर की गयी थी,ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है. इधर मामले पर मरांडी ने एक बार फिर सीएम सोरेन और DGP को घेर लिया है.राज्य के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी अनुराग गुप्ता के मामले में एक बार फिर हेमंत सरकार पर वार किया है उनका कहना है कि सेवानिवृत्त हो चुके डीजीपी दलालों के माध्यम से अवैध कोयला कारोबार को बढ़ावा देकर अवैध कमाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं। मरांडी ने एक्स पर लिखा ”श्री अनुराग गुप्ता को हेमंत सरकार द्वारा डीजीपी नियुक्त किया जाना अखिल भारतीय सेवा अधिनियम का उल्लंघन है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को पत्राचार कर उन्हें पद से हटाने का निर्देश दिया है।वर्तमान में झारखंड का पुलिस विभाग, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, सीआईडी और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयाँ बिना पुलिस महानिदेशक के संचालित हो रही हैं।सेवानिवृत्त हो चुके डीजीपी दलालों के माध्यम से अवैध कोयला कारोबार को बढ़ावा देकर अवैध कमाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं। उनके दागदार रिकॉर्ड को देखते हुए चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें पद से हटाने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके, सरकार गठन के तुरन्त बाद उन्हें पुनः डीजीपी के पद पर नियुक्त कर दिया गया।@HemantSorenJMM जी से आग्रह है कि संवैधानिक टकराव की स्थिति समाप्त करें और ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को संरक्षण देने के बजाय किसी योग्य एवं निष्पक्ष पुलिस अधिकारी को डीजीपी नियुक्त करें, अन्यथा दुष्परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।”




