रांची, पत्रकार वार्ता में सांसद संजय सेठ ने आज कहा,”अब मतगणना की जो तैयारी चल रही है, उसे लेकर भी गड़बड़ी करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। मेरी शासन और प्रशासन के साथ ही निर्वाचन आयोग से भी यह मांग है कि सिर्फ जिला प्रशासन के भरोसे मतगणना को नहीं छोड़ा जाए। मतगणना का समय निश्चित नहीं करके लगातार मतगणना की जाए। 8:00 बजे रात में मतगणना बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है, यह लगातार जारी रहना चाहिए। सीसीटीवी के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हों। हर टेबल की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की जाए। प्रत्याशी या उनके इलेक्शन एजेंट के बैठने की समुचित व्यवस्था हो।एक बात स्पष्ट कर दूं कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से झारखंड में नगर निकाय के चुनाव हुए हैं। प्रशासन को यह समझ लेना चाहिए कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई तो हम फिर से उच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे।”
संजय सेठ ने कहा,”राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में NOTA का प्रावधान होता है परंतु इस चुनाव से NOTA को हटा दिया गया। बैलट पेपर छापने में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। बड़ी संख्या में मतदाताओं को यह पता ही नहीं चल पाया कि मोहर कहां लगाना है। इसके चलते भी वोटिंग प्रभावित हुआ है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोशनी खलखो के नाम और चुनाव चिन्ह के सामने जानबूझकर कन्फ्यूजन पैदा करने वाले चिन्ह बनाए गए ताकि रोशनी का वोट कम हो सके परंतु इन साजिशों को रांची की जनता ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।
मेरी यह मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षतापूर्वक जांच कराई जाए और जो भी इसके लिए दोषी हो, उस पर कठोर कार्रवाई किया जाए। लोकतंत्र का प्रहसन और वोटिंग के साथ मजाक सीधे-सीधे संविधान का अपमान है।”




