राँची प्रेस क्लब: कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए अब क्लास 1 से लेकर 12वीं तक के निजी स्कूलों को खोला जाना चाहिए

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रांची। प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन, पासवा ने कोरोना संक्रमण काल में जब पूरी दुनिया में हर काम हो रहा है तो इसका भय दिखाकर एक जेनरेशन के भविष्य को बर्बाद करने का अधिकार किसी को नहीं है। बच्चों के जेनरेशन के भविष्य को बर्बाद करना किसी भी देश के लिए आर्थिक संकट से भी गंभीर परिस्थिति उत्पन्न हो सकता है।
स्कूलों को खोलने के मुद्दे पर पासवा की ओर से आज रांची में प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे की अध्यक्षता में प्रदेश उपाध्यक्ष लालकिशोरनाथ शाहदेव,अरविन्द कुमार, महासचिव डॉक्टर राजेश गुप्ता छोटू,नीरज सहाय,दीबेश कुमार राजा,विनीता नायक पाठक की उपस्थिति में प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों सदस्यों के अलावा अभिभावकों और बच्चों ने भी हिस्सा लिया। रांची स्थित प्रेस क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए अब क्लास 1 से लेकर 12वीं तक के स्कूलों को खोला जाना चाहिए।
पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दुबे ने कहा कि झारखंड में पिछले 22 महीने से प्राथमिक स्कूल बंद है। वर्ष 2015 और 16 में जन्म लेने वाले बच्चों ने अब तक स्कूल में कदम नहीं रखा है। करीब 2 वर्षों के दौरान कोरोना संक्रमण काल में लोगों ने कई परेशानियों को झेला है और अब इस बीमारी से लड़ाई का तरीका भी सीख लिया है। अब धीरे-धीरे स्थितियां में सामान्य हो रही है इसलिए आवश्यक दिशा निर्देश के साथ स्कूलों को खोला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और उनके अभिभावक युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित है। इसलिए रात सरकार अब यह फैसला ले कि किस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग या कम संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति के तहत स्कूल खोले जा सके।
पासवा के प्रदेश उपाध्यक्ष लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान संगठन की ओर से इस दिशा में कई प्रयास किए गए की बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सके। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और तमाम पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की मांग की गई जिसका परिणाम है कि आज सभी लोग इस संबंध में विचार विमर्श कर रहे हैं आगाज सरकार भी स्कूलों को खोलने को लेकर गंभीर है शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने भी इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है और यह उम्मीद की जा रही है कि कल होने वाली आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में इस संबंध में अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।
पासवा के प्रदेश महासचिव डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि बच्चों का भविष्य कैसे बेहतर बन सके इस दिशा में कोई भी राजनीतिक दल गंभीर नहीं है इसके बावजूद वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव एकमात्र अकेले एकमात्र ऐसे मंत्री है जिन्होंने स्कूलों को खोले जाने की वकालत की है। मुख्यमंत्री भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है और शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो भी अपनी बीमारियों करने के बावजूद राज्य में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में प्रयत्नशील है।
रांची महानगर पासवा अध्यक्ष डा.सुषमा केरकेटा ने स्वागत भाषण दिया जबकि पासवा प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार ने विचार गोष्ठी का संचालन किया।
बैठक में आये हुए अन्य वक्ताओं ने कहा कि अब स्कूलों को बंद रखने से स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाए इसलिए राज्य सरकार इस दिशा में तुरंत कदम उठाए।
बैठक में उपस्थित एक अभिभावक अस्मत इस्लाम ने कहा जब मीटिंग मैं आ रही थी तो मेरी बेटी ने रो रो कर कहा कि आलोक दूबे को कहे कि अब स्कूल खुल जाना चाहिए, स्कूल जाने का बहुत मन करता है।चतरा जिला अध्यक्ष प्रवीण प्रकाश ने कहा बच्चों की शिक्षा को लेकर माता-पिता से ज्यादा चिंतित गुरु है, मोबाइल की वजह से आठ 10 साल के बच्चे बड़े और मेच्योर्ड नजर आने लगे हैं।
प्रदेश पासवा पदाधिकारी दीबेश कुमार राजा,नीरज सहाय,विनीता पाठक नायक,तौफीक अंसारी,सोनी नायक,लक्ष्मी कान्त तिवारी,आलोक बिपीन टोप्पो,पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष रमन झा, देवघर जिला अध्यक्ष जया वर्मा,चतरा जिला अध्यक्ष डॉ बीएनपी वर्णवाल, चतरा जिला अध्यक्ष प्रवीण प्रकाश सिंह, रांची जिला अध्यक्ष डॉ सुषमा केरकेट्टा, लोहरदगा जिला अध्यक्ष मजीद अंसारी,हजारीबाग जिला अध्यक्ष लंकेश शर्मा,बोकारो जिला अध्यक्ष विद्या गौतम, विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों में रंजीत पांडे, कैलाश कुमार, अभिजीत कुमार राज, आलोक तिवारी,राशिद अंसारी, मुमताज आलम, निसार अंसारी, दीपक कुमार, संजय कुमार सिंह, मनोरमा सिंह,मुजाहिद इस्लाम, अर्चना गुप्ता, अंशुमन घोष, सहाय, मीणा झा, एलिस अनीता कुजूर, अंजना मिंज, सुप्रभात नूपुर, सुजाता देवी, नीलम भोला, पार्वती प्रसाद,मनोज कुमार भट्ट, संगीता सिंह, नीलू कुमारी, किरण देवी, प्रतीक श्रीवास्तव, सुनीता कुमारी, पितांबर दास, डॉ अनु कुमारी, रूपेश कुमार,आरके कौशिक, श्रीधर महतो, शिवेश्वर गोंझू, उपेंद्र नाथ दास,निभा सिंह, उजाला महतो, स्वाति कुमारी, संदीप कुमार राण,अमन कुमार, मोनिका कुमारी,श्रद्धा रानी, नैंसी कुमारी,फलक फातिमा, मोनिका कुमारी, संजय प्रसाद, रंजीत कुमार, पूनम देवी,ताराचंद महतो ने भी अपने विचार प्रकट किया।

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