PM : कुछ लोगों को यहां हार्वर्ड स्टडी का क्रेज है… उसका शिर्षक था ‘द राइज एंड डिक्लाइन ऑफ इंडिया कांग्रेस पार्टी’

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PM: Some people here have a craze for a Harvard study

पीएम मोदी ने कहा मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद करता हूं और यह मेरा सौभाग्य रहा है कि पहले भी कई बार उनके अभिभाषण पर धन्यवाद करने का अवसर मिला है, लेकिन इस बार धन्यवाद के साथ उनका अभिनंदन भी करना चाहता हूं। इस चर्चा में सबने हिस्सा लिया और सबने अपने-अपने आंकड़े, तर्क दिए और अपनी रुचि , प्रवृत्ति, प्रकृति के अनुसार अपनी बातें रखीं। जब इन बातों को समझने का प्रयास करते हैं तो ध्यान में आता है कि किसकी कितनी क्षमता, योग्यता, समझ और किसका क्या इरादा है। जब राष्ट्रपति का भाषण हो रहा था तो कुछ लोग कन्नी भी काट गए और एक बड़े नेता राष्ट्रपति का अपमान भी कर चुके हैं। जनजातीय समुदाय के प्रति नफरत और उनके प्रति उनकी सोच क्या है ये भी दिखाई दी है। जब टीवी पर इस प्रकार की बातें कही गई तो अंदर पड़ा नफरत का भाव बाहर आ गया। कुछ लोगों के भाषण के बाद पूरा ईकोसिस्टम,समर्थक…उछल रहे थे और खुश होकर कहने लगे, ये हुई न बात, शायद नींद भी अच्छी आई होगी, शायद आज उठ भी नहीं पाए होंगे। ऐसे लोगों के लिए कहा गया है…अच्छे ढंग से कहा गया है…ये कह-कह कर हम दिल को बहला रहे हैं, वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं। 100 साल में आई यह भयंकर महामारी, दूसरी तरफ युद्ध की स्थिति, बटां हुआ विश्व और इस संकट के माहौल में भी देश को जिस तरह से संभाला गया है इससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर रहा है।

उन्होंने आगे कहा आज पूरे विश्व में भारत को लेकर पॉजिटिविटी, आशा, भरोसा है। ये खुशी की बात है कि आज भारत को G20 की अध्यक्षता का अवसर मिला है। ये देश और 140 करोड़ देशवासियों के लिए गौरव की बात है लेकिन मुझे लगता है कि शायद इससे कुछ लोगों को दुख है। वे आत्मनिरीक्षण करें कि वे कौन लोग हैं। कई देश युद्ध के कारण अस्थिरता से पीड़ित हैं। हमारे पड़ोसी सहित कई अन्य लोग मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और खाद्य सुरक्षा की कमी का सामना कर रहे हैं। मुश्किल समय के बीच भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। आज दुनिया की हर विश्वसनीय संस्था, हर विशेषज्ञ, जो भविष्य का अच्छा सेशन रिपोर्ट भी लगा सकते हैं, उन सबको आज भारत को लेकर बहुत आशा और काफी हद तक उमंग है। इसका कारण है कि भारत में अस्थिरता नहीं है। लगभग तीन दशकों तक भारत में राजनीतिक अस्थिरता रही। आज हमारे पास एक स्थिर और निर्णायक सरकार है। निर्णायक सरकार हमेशा देश के हित में निर्णय लेने का साहस रखती है…पिछले 9 साल में 90,000 स्टार्टअप सामने आए हैं। स्टार्टअप्स में हम दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं।

पीएम ने आगे कहा भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। दुनिया भारत की समृद्धि में अपनी समृद्धि देखती है। निराशा में डूबे कुछ लोग इस देश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। वे लोगों की उपलब्धियों को देखने में विफल रहते हैं। ये निराशा ऐसे नहीं आई, इस निराशा के पीछे कारण है, एक तो जनता का बार-बार हुकुम…2004 से 2014 तक भारत की अर्थव्यवस्था खस्ताहाल हो गई, इस पर निराशा नहीं होगी तो क्या होगी। 10 साल में महंगाई डबल डिजिट रही इसलिए अगर कुछ अच्छा होता है तो निराशा और उभर कर आती है। 2004 से 2014 आजादी के इतिहास में घोटाला का दशक रहा। UPA के वे दस साल में भारत के हर कोने में आतंकवादी हमलों का सिलसिला चलता रहा। हर नागरिक असुरक्षित था। चारों तरफ ये सूचना रहती थी किसी अनाजानी चीज को हाथ मत लगाना। 10 साल में कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक देश हिंसा का शिकार था। 2010 में देश में राष्ट्रमंडल खेल हुए भारत की युवा सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने बहुत बड़ा अवसर था, लेकिन CWG घोटाले में पूरा देश दुनिया में बदनाम हो गया। सदी के दूसरे दशक में देश की चर्चा ब्लैकआउट के नाते हुई। पूरे विश्व में ब्लैकआउट के वे दिन चर्चा में आ गए। 2014 से पहले का दशक हमेशा द लॉस्ट डिकेड के रूप में याद किया जाएगा, लेकिन 2030 का दशक भारत का दशक है।

उन्होंने आगे कहा आर्थिक प्रगति पर जब चर्चा होती है, तो यहां से निकल कर RBI को गाली देते हैं। 9 साल में कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म की जगह कंपल्सिव क्रिटिसिज्म ने ले ली है और ये इसी में खोए हैं। सदन में जांच एजेंसियों के बारे में बहुत कुछ कहा गया, कई लोग इस सुर में सुर मिला रहे थे। इन्होंने 9 साल आलोचना करने की जगह आरोप में गंवा दिए। चुनाव हार जाओ तो EVM को गाली, चुनाव आयोग को गाली..कोर्ट में फैसला पक्ष में नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट की आलोचना, भ्रष्टाचार की जांच हो रही हो तो जांच एजेंसियों को गाली, सेना अपना पराक्रम दिखाए तो सेना को गाली… सेना पर आरोप। मुझे भरोसा है कि भविष्य में हार्वर्ड ही नहीं बल्की बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में कांग्रेस की बर्बादी और डूबाने वाले लोगों पर अध्ययन होना ही है। ऐसे लोगों के लिए दुष्यंत कुमार ने एक बात कही है कि, तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीान नहीं कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं। कुछ लोगों को यहां हार्वर्ड स्टडी का क्रेज है। कोरोना काल में कांग्रेस ने कहा था कि भारत की बर्बादी पर हार्वर्ड में केस स्टडी होगी। बीते वर्षों में हार्वर्ड में एक बहुत अच्छी स्टडी हुई है, उसका शिर्षक था ‘द राइज एंड डिक्लाइन ऑफ इंडिया कांग्रेस पार्टी’।

PM: Some people here have a craze for a Harvard study

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