ऑक्सीजन के कारण दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छिड़ी जंग
अस्पतालों में आक्सीजन की भारी कमी के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। दिल्ली ने उत्तर प्रदेश से आक्सीजन की आपू्र्ति न होने की बात कही, तो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने यह कहकर पलटवार किया कि दिल्ली ने प्रमुख आक्सीजन सप्लायर आइनाक्स से अपने कोटे से अधिक आक्सीजन ले ली है। हरियाणा सरकार ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात दिल्ली सरकार ने फरीदाबाद में उसके टैंकर से आक्सीजन निकाल ली। इस पर दिल्ली सरकार का कहना है कि हम एक सप्ताह से दिल्ली का आक्सीजन सप्लाई कोटा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जिसे लूटना बताया जा रहा है, वह दिल्ली कोटे की आक्सीजन है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मसले पर कहा कि बुधवार को फरीदाबाद के प्लांट से दिल्ली के अस्पताल के लिए आ रहे आक्सीजन के ट्रक को हरियाणा के एक अधिकारी ने रोक लिया। काफी प्रयास के बाद किसी तरह आक्सीजन पहुंच सकी। मंगलवार रात मोदीनगर में भी अधिकारियों द्वारा दिल्ली आने वाले आक्सीजन ट्रक को रोक दिया गया। दिल्ली कोटे की आक्सीजन को भी नहीं आने नहीं दिया जा रहा है। यह जंगलराज है, जिसे रोकने के लिए केंद्र को बेहद संवेदनशील और सक्रिय रहना होगा। दरअसल हरियाणा के प्लांटों में 270 मीट्रिक टन आक्सीजन तैयार की जाती है। उसे हिमाचल के बद्दी और राजस्थान के भिवाड़ी प्लांट से भी आक्सीजन मिलती थी, जो अब दोनों राज्यों ने बंद कर दी है। 60 से 70 मीट्रिक टन से कई गुना खपत बढ़ने के बावजूद हरियाणा अपनी खुद की आक्सीजन पर निर्भर है। राज्य के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बुधवार को आरोप लगाया कि उन पर दबाव डाला जा रहा है कि दिल्ली को आक्सीजन दें।



