मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मुहर लगायी गयी.झारखंड में ट्रांसजेंडर समुदाय को अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) की श्रेणी में शामिल किया गया है ताकि वे सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ भी उठा सकें।इसके अलावा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी जिनमें एक विवि के रिटायर शिक्षकों को 6 फीसदी ब्याज के साथ बकाए का भुगतान किया जाना अभी शामिल है .झारखंड कैबिनेट ने झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेज के सभी योग्य रिटायर शिक्षकों को 1 जनवरी 2006 से 31 मार्च 2010 तक छह फीसदी ब्याज के साथ बकाए पेंशन का भुगतान करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से झारखण्ड के करीब 2 हजार शिक्षकों को लाभ मिलने वाला है. मालूम हो की सरकार को यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद करना पड़ा है। दरअसल, यूजीसी वेतनमान और पेंशन लाभ को लेकर वर्षों से सरकार और शिक्षकों के बीच विवाद था।हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने कैबिनेट से 15 जुलाई 2022 को बकाए पेंशन भुगतान का फैसला किया। लेकिन, शिक्षक व्याज की मांग के साथ सरकार के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट द्वारा शिक्षकों के पक्ष में फैसला लिया गया जिस कारण सरकार को 6 फीसदी ब्याज सहित भुगतान का फैसला करना पड़ा। वहीं, हाईकोर्ट के लोक व विशेष लोक अभियोजकों को अब 18 हजार रुपए व अपर लोक अभियोजकों को 9 हजार रुपए मिलेंगे।



