Lucknow में 69 हजार शिक्षक भर्ती में कथित आरक्षण अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। दलित और पिछड़े वर्ग के सैकड़ों युवा भीषण गर्मी में सड़क पर रेंगते हुए अपने हक की मांग करते नजर आए। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री Sandeep Singh के आवास का घेराव करने पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिससे ओबीसी और एससी वर्ग के हजारों उम्मीदवार प्रभावित हुए। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि वे पिछले चार से छह वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही। उनका आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की प्रभावी पैरवी नहीं होने के कारण सुनवाई लगातार टल रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।” युवाओं ने मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखे और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि अगली सुनवाई 19 मई को प्रस्तावित है और वे चाहते हैं कि सरकार इस बार गंभीरता से पैरवी करे।इससे पहले भी अभ्यर्थी विधानसभा घेराव, धरना-प्रदर्शन और अनोखे विरोध के जरिए अपनी आवाज उठा चुके हैं। कई प्रदर्शनकारियों का दावा है कि भर्ती में ओबीसी वर्ग को निर्धारित 27 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ नहीं दिया गया।
वहीं, Congress ने भी प्रदर्शनकारी युवाओं की मांगों का समर्थन किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार को तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए अभ्यर्थियों के साथ न्याय करना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।




