नई दिल्ली: हरियाणा के समाचार चैनल ‘खबरें अभी तक’ को दिए एक इंटरव्यू में डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण खुदको द्वारा यौन उत्पीड़न का पीड़ित बताने वाली नाबालिग पहलवान के पिता ने गुरुवार को कहा कि उसने जानबूझकर डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ यौन उत्पीड़न की झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराई क्योंकि वह लड़की के खिलाफ कथित अन्याय के लिए अधिकारी से बदला लेना चाहता था। पिता का कहना है की 2022 में उन्होंने जानबूझकर मेरी बेटी को मैच हारने के लिए मजबूर किया, हम दिल टूट गए। हमारे पास दो घर हैं और मुझे यह सुनिश्चित करने के लिए अपना एक घर बेचना पड़ा कि मेरी बेटी कुश्ती का अभ्यास कर सके।मैंने उस समय आपत्ति जताई पर तकनीकी कर्मचारियों ने कहा कि मेरी बेटी दोबारा कुश्ती में भाग ले सके इसके लिए मुझे चुप रहना होगा। उन्होंने कहा कि फाइनल में रेफरी के फैसले के कारण मेरी बेटी की एक साल की मेहनत बर्बाद हो गई थी।पिता द्वारा चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मामले को काफी हद तक कमजोर कर देती है, जो महिला प्रतियोगियों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर शीर्ष भारतीय पहलवानों द्वारा पिछले छह महीनों से लगातार विरोध का सामना कर रहे हैं।हालांकि नाबालिग पहलवान के पिता ने ये भी कहा है कि वे पहलवानों के विरोध का समर्थन करते हैं। नाबालिग पहलवान के पिता के बयान पर बृज भूषण ने शुक्रवार को कहा कि सभी मामले अदालत के समक्ष हैं। सरकार ने एक नोटिस भी दिया है। आश्वासन दिया कि 15 जून तक चार्जशीट फाइल कर दी जाएगी। चार्जशीट फाइल होने दीजिए। मुझे नहीं लगता कि मुझे अब कुछ कहना चाहिए।”बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के मामले में दिल्ली पुलिस ने बम बम महाराज नौहटिया की शिकायत पर ATR दायर की, जिसमें पहलवानों पर ‘अभद्र भाषा’ का आरोप लगाया गया।अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की है।दिल्ली पुलिस ने प्रस्तुत किया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रदान किए गए वीडियो में, पहलवान नारे लगाते नहीं दिख रहे हैं और अभद्र भाषा का कोई अपराध नहीं किया गया है।



