मीडिया को मिला UP के हाथरस गाँव में घुसने का मौका। पीड़िता के परिजन फूट फूट कर रोए। परिजन बोले – हमें यूपी सरकार से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है।
योगी सरकार ने आख़िरकार मीडिया को गाँव में जाने की इजाजत दी। पत्रकारों ने गाँव वालो को डरा सहमा पाया। पत्रकारों को देखकर कुछ लोग घरो में चले गए और कई लोग तो अपने घरो के बाहर तक नहीं निकले। बहुत मुस्किलो के बाद पीड़िता के परिवार वालो से पत्रकारों ने मुलाक़ात की तो पीड़िता के परिजन फूट फूट कर रोने लगे, परिजनों ने हैरान करने वाले खुलासे किए। हालांकि परिजनों ने बताया की उनकी फ़ोन सर्विलांस पर रखी गयी है, हर बातचीत रिकॉर्ड हो रही है, वो खुलकर कुछ नहीं कह पा रहे है। कुछ लोगो ने हिम्मत जुटाई और पत्रकारों को बताया की इलाके के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार वालो के साथ मारपीट की, उन्हें धमकाया है। हाथरस के डीएम ने तो यहाँ तक कह दिया कि 25 लाख रुपया मिल गया न, अब चुप रहो, किसी से कुछ मत कहना, बेटी कोरोना से मरती तो मुआवजा भी नहीं मिलता।



