रांची, 31 जुलाई: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के तहत अनमैप्ड (Unmapped) मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने बताया कि शुरुआती 70.62 लाख अनमैप्ड मतदाताओं की संख्या अब घटकर 14.02 लाख रह गई है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 5.3 प्रतिशत है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मतदाताओं का सफलतापूर्वक मैपिंग और सत्यापन किया गया। शेष बचे 14,02,262 अनमैप्ड मतदाताओं का नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सकता है, यदि उनका सत्यापन समय पर पूरा नहीं होता।
अभियान की प्रगति
- 23 मई 2026: राज्यभर में कुल 70,62,319 अनमैप्ड मतदाता चिन्हित किए गए।
- 29 जून 2026: इन्यूमरेशन चरण शुरू होने से पहले BLOs के प्रयासों से संख्या घटकर 47,42,505 रह गई।
- 30 जून से 29 जुलाई 2026: घर-घर सत्यापन अभियान के बाद अनमैप्ड मतदाताओं की संख्या और घटकर 14,02,262 रह गई।
आगे की प्रक्रिया
- 5 अगस्त 2026: ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
- 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026: जिन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं होगा, वे दावा एवं आपत्ति दर्ज कराकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
- 7 अक्टूबर 2026: सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने क्या कहा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं और तार्किक विसंगतियों के मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे। प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (AERO) मतदाता की पहचान, घोषणा-पत्र, जन्मतिथि तथा सामान्य निवास स्थान का सत्यापन करेंगे।उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो सके।




