मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अवैध जमीन जमाबंदी मामले पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। कहा कि जब जमीन की अवैध जमाबंदी हो जाती है तो उसे सीधे तौर पर रद्द नहीं किया जाता है। इस मामले की जांच सीओ स्तर से शुरू होकर डीसी, कमिश्नर के माध्यम से सरकार तक आती है। कहा कि हमारी सरकार में 15490 केस का निष्पादन हुआ है। कहा कि जहां तक कैम्प लगाने की बा विभिन्न योजनाओं के लिए सरकार कैम्प लगती है।
सीओ के स्तर पर किया जाएगा समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत दो बार के कैम्प में एक करोड़ से अधिक आवेदन आये हैं। जिसमें अवैध जमीन जमाबंदी के लाखों मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि अवैध जमीन जमाबंदी के विवादों का समाधान सीओ स्तर कराया जाएगा।
भू माफिया के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश सिर्फ मंत्रियों के खिलाफ ही नहीं भूमि का अवैध एल.पी.सी. निर्गत कर निबंधन करने के आरोप में अंचल अधिकारी अमर प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी जयवर्द्धन कुमार और तत्कालीन अवर जिला निबंधक राहुल चौबे के खिलाफ भी पी. ई. दर्ज करते हुए एसीबी से जांच कराने का निर्देश दिया है।
राज्य में लगातार एसपीटी और सीएनटी के उल्लंघन का मामला उठने के बाद प्रशासन सख्त हुआ है। भू-माफियों ने अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर लिया है। आदिवासियों को बहला-फुसलाकर तथा नियम के विरुद्ध बेच रहे हैं जो गलत है। इस संबंध में सीओ से रिपोर्ट मांगी गई है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित रूप से जमीन हड़पने के एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी जांच के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारी के बाद एक सरकारी अधिकारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अफशर अली, इम्तियाज अहमद, प्रदीप बागची, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, तल्हा खान, भानु प्रताप प्रसाद और फैयाज खान के रूप में की गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रसाद झारखंड सरकार में मंडल निरीक्षक हैं, जबकि बाकी छह मामले में शामिल ‘बिचौलिये’ बताए जा रहे हैं।



