अफीम ,ड्रग्स, कोकीन जैसे नशे युवाओं के लिए जहर है।
आए दिन नशे की पार्टी चलती है जिस पर पुलिस संज्ञान तक नहीं लेती। खानापूर्ति के लिए बस छोटी-मोटी कार्रवाई कर देती है। फिल्म उड़ता पंजाब में ड्रग्स के नशे में डूबी दुनिया को पर्दे पर उतारा गया है इसमें दिखाया गया है कि नशे के चंगुल में फंस कर किस तरह लोग बर्बादी के कगार पर पहुंच रहे हैं। इस तरह का नशा करने की वजह से युवाओं की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं इस नशे के आदि होने के बाद से क्षेत्र में क्राईम भी बढ़ते जा रहे है।
नशे से जुड़े मामलें हजारीबाग के लोहसिंघना थाना क्षेत्र से RTI एक्टिविस्ट राजेश मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जबकि कल ही प्रशाशन ने प्रेस कॉन्फरेंस के जरिये बताया है कि राजेश मिश्रा निर्दोष है। उनका किसी तरह की नशीली पदार्थ के तस्करी का कोई आरोप सिद्ध नहीं होता है उन्हें फ़साने की साजिस रची गयी थी। उनकी गाड़ी के डिक्की में ड्रग्स किसी ने जानबूझकर रखा था।
अब इस मामलें में प्रशाशन द्वारा तवरित करवाई करते हुए अभियुक्त आदित्य कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है हालांकि आदित्य कुमार सोनी का मुख्य पार्टनर शहजाद खान है। जिसका हजारीबाग ही नहीं पूरे झारखंड भर में नशे की तस्करी करने का और हमारे युवाओं को बर्बाद करने सबसे बड़ा हाथ है. साथ ही जानकारी के लिए आपको बता दें कि ये वही लोग है जो कि जमीन माफियाओं के साथ भी मिले हुए है और गरीबों की जमीन को हड़पने का काम भी करते है ,जमीन में भी इनपर कई आरोप है।
समाजसेवी राकेश कुमार दुबे द्वारा इस मामलें में लोहसिंघना थाना के थाना प्रभारी को एक महीना पूर्व ही सारी सूचनाएं पत्र द्वारा उपलब्ध करवाई गयी थी और अब उसी पत्र के आधार पर आदित्य कुमार सोनी को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन, आदित्य के साथ शहजाद खान का भी नाम पत्र में दर्शाया गया है लेकिन राकेश कुमार दुबे द्वारा लोहसिंघना थाना प्रभारी को लिखे पत्र में शहजाद का नाम भी है और उसे ही RTI एक्टिविस्ट राजेश मिश्रा को फ़साने का मुख्य आरोपी माना जा रहा है लेकिन अब भी शहजाद बाहर घूम रहा है।
यहां तक कि शहजाद के नाम से लोहसिंघना थाना में एफ आई आर तक नहीं लिया जा रहा है, जबकि आपको बता दें शहजाद हजारीबाग ही नहीं पूरे झारखंड भर में नशे के कारोबार का मुख्य नाम कहा जाता है और इस बात का प्रमाण प्रसाशन के पास भी उपलब्ध है. लेकिन, फिर भी उसपर किसी तरह का करवाई नहीं किया जाना बहुत ही अफ़सोस जनक बात है.
आखिर प्रसाशन की ऐसी क्या मज़बूरी है या फिर कहे तो क्या मिलीभगत है की शहजाद के खिलाफ करवाई नहीं कर रही है और शहजाद जैसे नशे के कारोबारी जो कि एक दरिंदे से कम नहीं है. जो हमारे युवाओं को नशे की ओर धकेल रहे है उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे है।
ये वहीं युवा है जो कि हमारे देश का भविष्य है साथ ही इन युवाओं से कई और जिंदगियां भी जुड़ी है, उनकी भी जिंदगियां इससे प्रभावित हो रही है। शहजाद जैसे अपराधी को जल्द से जल्द प्रशाशन द्वारा गिरफ्तार किया जाना चाहिए और साथ ही उसे ऐसी सजा दी जानी चाहिए जो कि दूसरे नशा के कारोबारियों के लिए एक उदहारण साबित हो और RTI एक्टिविस्ट राजेश शर्मा जैसे समाजसेवी को जल्द से जल्द रिहा करना चाहिए।



