गोड्डा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने भारतीय मुसलमानों को कन्वर्टेड बताया है। उनका कहना है की सामंतों की प्रताड़ना से परेशान होकर बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से धर्मांतरण किया था। उन्होंने यह जोर देकर कहा की हमारा भी धर्मांतरण हुआ है लेकिन यह धर्मांतरण औरंगजेब ने जबरन नहीं कराया बल्कि स्वेच्छा से किया गया था। बता दें की मुगल शासक औरंगजेब पर लग रहे जबरन हिंदुओं के धर्मांतरण के आरोपों के बीच फुरकान अंसारी ने यह बात कही है। फुरकान अंसारी ने कहा बिहार के बांका जिले में गोड्डा के करीब चुआन पानी नाम की एक जगह है जहां मंडरिया मुस्लिम रहते हैं जो पहले मंडल थे। महागामा में, मुसलमानों के पास अभी भी मंडल खिताब हैं और उनके भूमि दस्तावेज स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि वे कैसे हिंदू थे।हमारे पूर्वजों पर हिंदू धर्म में अत्याचार होता था. सामंती सोच वाले लोग हमारे पूर्वजों को मंदिरों में जाने रोकते थे. हमारी बहु बेटियों की इज्जत खतरे में थी. इसलिए उनके दादा परदादा धर्मांतरण के लिए मजबूर हो गए थे. उन्होंने बताया कि इस इलाके के मुस्लिम समुदाय में आज जो मंडरिया जाति है, पहले ये लोग अपना सरनेम मंडल लगाते थे. इसी प्रकार बड़ी संख्या में महतो, यादव आदि भी हैं, जिन्होंने हिन्दू धर्म को छोड़ कर इस्लाम का रास्ता अख्तियार किया। उनके बेटे इरफान अंसारी, जो कांग्रेस पार्टी के जामताड़ा विधायक हैं, से इस मामले पर उनकी टिप्पणी के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
फुरकान अंसारी के इस बयान पर भाजपा नेता मरांडी ने कहा ”फुरकान जी पहले हिंदू “यादव” थे।फिर सामंतियों ने सताया तो मुस्लिम “अंसारी” (जुलाहा) बन गए।अशरफी सामंती (शेख, सैयद, पठान) जुलाहों के साथ बैठना – खाना तक पसंद नहीं करते हैं।फुरकान जी फंस गए हैं कि अब कहाँ जाएंगे।फुरकान जी बहुत मासूम और भोले आदमी हैं, मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ।



