रांची :प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विधायक नकद वसूली मामले में झारखंड के कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह को समन भेजा है।उन्हें 24 दिसंबर को एजेंसी के रांची अंचल कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। उन्हें मामले के शिकायतकर्ता के रूप में तलब किया गया है।
मालूम हो क़ि बंगाल पुलिस ने कांग्रेस के तीन विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सेल कोंगारी को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 48 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई थी।बेरमो विधानसभा सीट से विधायक जयमंगल सिंह ने गिरफ्तारी के एक दिन बाद अरगोड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करायी। उन्होंने दावा किया कि ये विधायक हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार को गिराने के भाजपा के गेमप्लान का हिस्सा थे। जयमंगल सिंह ने दावा किया कि इन विधायकों ने हेमंत सोरेन को गिराने के लिए 10 करोड़ रुपये के इनाम के साथ उनसे संपर्क किया था। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ‘ऑपरेशन कमल’ को नियंत्रित कर रहे थे।उन्होंने दावा किया कि ये विधायक हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनकी बैठक की व्यवस्था करने के लिए उन्हें गुवाहाटी ले जाना चाहते थे। जयमंगल सिंह ने कहा कि विधायकों ने उनसे कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा उन्हें पैसे के अलावा एक निश्चित मंत्री पद का आश्वासन देंगे।जयमंगल सिंह ने कहा कि उन्होंने मौजूदा सरकार को गिराने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।इन विधायकों को बंगाल पुलिस ने पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. बाद में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी। कांग्रेस ने इसे सरकार गिराने के लिए भाजपा के नापाक मंसूबे के रूप में करार दिया और जयमंगल सिंह आगे आए और दावा किया कि उन्हें भी पैसे की पेशकश की गई थी। प्राथमिकी में, जयमंगल सिंह ने ऐसा आभास कराया है कि असम के मुख्यमंत्री झारखंड में सरकार को गिराने के लिए कथित ऑपरेशन कमल का नेतृत्व कर रहे थे।
बाद में ईडी ने भी इस मामले को जांच के लिए लिया और उन्हें तलब करने का फैसला किया। बंगाल पुलिस द्वारा इस मामले की जांच में दिल्ली पुलिस और असम पुलिस के खिलाफ बंगाल पुलिस के प्रदर्शन की एक श्रृंखला देखी गई।गौरतलब है कि इस मामले में बंगाल पुलिस ने झारखंड पुलिस की विशेष शाखा से मदद मांगी थी.



