रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में उन्होंने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ तथा हजारीबाग, बोकारो और धनबाद के उपायुक्तों को ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइनों और बिजली परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि बिजली विभाग से जुड़े लंबित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में बिजली अवसंरचना को मजबूत करने और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आज बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया कि –
- बिजली सभी की मूलभूत जरूरत है। राज्य के लोगों को चौबीस घंटे निर्बाध बिजली देने के प्रयासों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइंस, पावर सब स्टेशन, ट्रांसफार्मर, स्मार्ट ग्रिड, स्मार्ट मीटर, आदि के इंस्टॉलेशन को तेज गति से बढ़ाने का काम करें।
- विभाग अगले 10-15 साल की जरूरत को देखते हुए प्लान बनाए और सबमिट करे।
- विभाग में जेई, एई, आदि सभी जरूरी नियुक्तियों को शीघ्र भरने का काम करें।
- राज्य में रिजर्वायर एवं अन्य क्षेत्रों तथा स्रोतों में एनर्जी जेनरेशन एवं एनर्जी स्टोरेज की संभावनाओं को तलाशने के लिए फ़ेसिबिलिटी स्टडी करें, तथा रिपोर्ट सबमिट करें।
- राज्य में सौर ऊर्जा, रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति को तेज करने का काम करें।
- ग्रामीण क्षेत्रों में पावर जेनरेशन की संभावनाओं को सीएमइजीपी योजना के साथ बढ़ाने का प्लान सबमिट करें।
- मानकों के हिसाब से जरूरी ग्रिड और पावर सब स्टेशनों को स्थापित करने का प्लान सबमिट करें।
- ट्रांसमिशन लाइंस में मोनोपोल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की ओर बढ़े, इससे भूमि की जरूरत भी कम रहेगी।
- नगर निगमों के साथ समन्वय स्थापित कर शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट के शत-प्रतिशत संचालन का प्लान सबमिट करें।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर की खराबी की खबरें आने पर तुरंत समय अवधि के अंदर ठीक करने का काम करें। ऐसी खबरें बर्दाश्त नहीं हैं।
- डिजिटल, AI और नई तकनीकों का उपयोग कर विभाग में समय के साथ रिफॉर्म की जरूरत को देखते हुए स्टडी कर सबमिट करें।
उपरोक्त के अतिरिक्त भी विभाग को कई दिशा-निर्देश दिए।




