झारखंड में ध्वजारोहण की वर्षों पुरानी परंपरा इस साल गणतंत्र दिवस पर टूट गई। परंपरा के अनुसार 26 जनवरी को रांची में राज्यपाल और दुमका में मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करते रहे हैं, लेकिन इस बार दुमका पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जगह उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने ध्वजारोहण किया। वहीं रांची में राज्यपाल ने परंपरा के अनुसार ध्वजारोहण किया। यह परंपरा राज्य गठन वर्ष 2000 से चली आ रही थी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश दौरे पर हैं। इसी कारण वे गणतंत्र दिवस पर दुमका में ध्वजारोहण नहीं कर सके। उनकी अनुपस्थिति में उपायुक्त ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
77वें गणतंत्र दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा :
देश का संविधान महज एक किताब नहीं, हमारे अस्तित्व, अधिकार और स्वाभिमान की आवाज है।यह शोषित और वंचित वर्गों को सम्मान के साथ जीने, समता, समान अवसर और न्याय पाने का सबसे मजबूत आधार है। संविधान के वो मूल्य ही हमारे लोकतंत्र की आत्मा हैं, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी मुख्यधारा से जोड़ते हैं।न्याय, समता, समानता और भाईचारे के साथ 25 वर्ष के युवा झारखंड को हम सभी मिलकर प्रगति की नई ऊंचाईयों तक ले जाने का काम करेंगे।लोकतंत्र के महापर्व गणतंत्र दिवस की सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।जय हिन्द! जय झारखंड!




