रांची : सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र लिख कर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से औपनिवेशिक शासन के समय से असम में रह रहे झारखण्ड के लाखों आदिवासियों को एसटी का दर्जा देने की मांग की है.असम में रह रहे चाय-जन जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का अनुरोध किया है। सीएम हेमंत सोरेन ने अपने पत्र में लिखा है कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में चाय-जनजातियों के अधिकांश आदिवासी जातीय समूहों को अनुसूचित जनजातियों के रूप में मान्यता प्राप्त है. लेकिन असम में चाय-जनजाति समूहों जिनकी जनसंख्या 70 लाख है, को एसटी के बजाय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा दिया है.जिस कारण चाय-जनजाति के लोगों को अनुसूचित जनजातियों को मिलने वाले सरकारी लाभों और सुरक्षा नहीं मिल पाती है.








