उत्तर प्रदेश: फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायालय ने 18 महीने के मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। पुलिस की तेज जांच और कोर्ट की त्वरित सुनवाई की बदौलत घटना के मात्र 40 से 41 दिनों के भीतर फैसला आ गया। यह खौफनाक घटना 30 मई 2026 को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी। बदायूं का रहने वाला आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक, पीड़ित बच्चे की मां (रति शर्मा) से एकतरफा प्यार करता था और उन पर शादी का दबाव बना रहा था। रति शर्मा द्वारा शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने और बच्चे को अपने रास्ते का रोड़ा समझने पर सनकी आरोपी मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने बाहर ले गया। वहाँ उसने महज 27 सेकंड के भीतर बच्चे को सड़क पर 8 बार सिर के बल पटक-पटक कर मार डाला। यह पूरी घटना सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, जमीन पर इतनी बर्बरता से पटकने के कारण बच्चे के सिर की खोपड़ी खुल गई थी और उसकी छाती व गर्दन की हड्डियां पूरी तरह टूट चुकी थीं।घटना के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने आरोपी को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मात्र 6 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत में इस केस की डे-टू-डे (रोजाना) सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने मजबूती से पैरवी करते हुए कुल 13 गवाह और ठोस सबूत पेश किए।अदालत ने इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (Rarest of Rare) मामला माना और गुरुवार (9 जुलाई) को दोषी करार देने के बाद, शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को दोपहर में विराज को फांसी की सजा सुना दी।




