रिटायर्ड आईएएस महेश्वर पात्रा की पत्नी व भाजपा नेत्री सीमा पात्रा पर उनकी घरेलू सहायिका सुनीता ने पिछले 8 सालों से उसके साथ मारपीट और उसे बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया है.नौकरानी सुनीता ने बताया कि सीमा पात्रा ने उन्हें कई दिनों तक भूखा-प्यासा कमरे में बंद रखा। लोहे की रॉड मारकर उसके दांत तक तोड़ दिए। इतने से भी उनका जी नहीं भरा तो उन्होंने गर्म तवे से शरीर के कई हिस्सों में दागा, जिसके निशान अभी भी हैं।
रिटायर्ड आईएएस की पत्नी और भाजपा नेता सीमा पात्रा पर अरगोड़ा थाना में आईपीसी की धारा सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज किया गया है. सीमा पात्रा के ऊपर आईपीसी की धारा 323/325/346 और 374 लगाया गया है. वहीं एससी एसटी एक्ट के तहत धारा 3(1)(a)(b)(h) के तहत मामला दर्ज हुआ है. मामले की जांच के लिये हटिया डीएसपी राजा मित्रा को केस का आईओ बनाया गया है.आज पीड़िता का 164 का बयान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
सीमा के पुत्र ने सुनीता को कैद से मुक्त कराया
नौकरानी सुनीता ने बताया, अगर आज वह जिंदा है तो मैडम के बेटे आयुष्मान की वजह से। उसने बताया कि आयुष्मान उसे हर बार मारपीट से बचाता था। सुनीता ने आरोप लगाया कि खाना न दिए जाने के कारण वह काफी कमजोर हो गई थी, यहां तक कि उससे खड़ा तक नहीं हुआ जाता था। इसके बावजूद सीमा पात्रा उससे घर के काम करवाती थी। काम न करने पर बुरी तरह मारपीट करती थी। इस मामले में पुलिस ने बताया कि नौकरानी सुनीता के ठीक होने के बाद उसे अदालत के सामने पेश किया जाएगा। बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।सुनीता में बताया कि सीमा पात्रो का पुत्र आयुष्मान उसके साथ मारपीट करने का विरोध करता था। लेकिन मैडम ने पुत्र को भी मानसिक रोगी बताकर उसे भर्ती करा दिया। सीमा के पुत्र की दोस्ती झारखंड सचिवालय में काम करने वाले विवेक बास्के से हुई। विवेक ने ही सुनीता को सीमा के कैद से मुक्त कराया। विवेक ने की थाना में लिखित शिकायत कर मामले को उजागर किया। जिसके बाद पुलिस ने सुनीता को कैद से मुक्त कराया।



